इंडिया पोस्ट की ऐतिहासिक उपलब्धि,कमाई में 25% का उछाल

INDIA POST

उजाला / देश

नई दिल्ली। भारतीय डाक विभाग ने अपने ब्रांड नाम इंडिया पोस्ट के तहत एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अनुसार, विभाग ने अपने इतिहास में पहली बार लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में इंडिया पोस्ट का कुल राजस्व सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 4,202 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 3,355 करोड़ रुपये था। डाक विभाग की यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब देश में डिजिटल संचार और निजी लॉजिस्टिक्स कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। राजस्व में हुई बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि इंडिया पोस्ट पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ-साथ व्यावसायिक सेवाओं और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

पहली छमाही में ₹8,213 करोड़ का राजस्व

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में भी डाक विभाग का प्रदर्शन मजबूत रहा है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में विभाग का कुल राजस्व बढ़कर 8,213 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही के लगभग 6,500 करोड़ रुपये के राजस्व की तुलना में करीब 24 प्रतिशत अधिक है। इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि इंडिया पोस्ट की आय में बढ़ोतरी केवल एक तिमाही तक सीमित नहीं रही, बल्कि वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान भी राजस्व में लगातार सुधार देखने को मिला है। विभाग ने दूसरी तिमाही में 4,202 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज कर अपनी वृद्धि की रफ्तार को बरकरार रखा।

तिमाही आधार पर भी राजस्व में बढ़ोतरी

इंडिया पोस्ट के वित्तीय प्रदर्शन में सालाना वृद्धि के साथ-साथ तिमाही आधार पर भी सुधार दर्ज किया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पिछली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही का राजस्व लगभग 5 प्रतिशत बढ़ा है। लगातार दो तिमाहियों में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व हासिल करना विभाग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह उपलब्धि डाक सेवाओं के विस्तार, परिचालन क्षमता में सुधार और व्यावसायिक गतिविधियों को मजबूत बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।

आधुनिकीकरण और लॉजिस्टिक्स पर जोर

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस उपलब्धि को डाक विभाग के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और लागत दक्षता में सुधार से जोड़कर देखा है। बदलते कारोबारी माहौल में डाक विभाग के लिए पारंपरिक सेवाओं के साथ आधुनिक वितरण प्रणाली, पार्सल नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स सेवाओं को मजबूत करना महत्वपूर्ण हो गया है। ई-कॉमर्स के विस्तार के कारण देशभर में पार्सल और सामान की डिलीवरी की मांग बढ़ी है। ऐसे में इंडिया पोस्ट का व्यापक नेटवर्क उसे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज के इलाकों तक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का अवसर देता है। हालांकि, इस क्षेत्र में निजी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा भी लगातार बनी हुई है।

आगे भी प्रदर्शन बनाए रखना होगी चुनौती

इंडिया पोस्ट के राजस्व में दर्ज हुई वृद्धि विभाग के लिए उत्साहजनक संकेत है। पहली छमाही में 8,213 करोड़ रुपये का राजस्व और दूसरी तिमाही में 25 प्रतिशत की सालाना वृद्धि उसकी वित्तीय स्थिति में सुधार को दर्शाती है। अब विभाग के सामने इस वृद्धि को आगे भी बनाए रखने, सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर करने और परिचालन लागत को नियंत्रित रखने की चुनौती होगी। यदि आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार और व्यावसायिक सेवाओं पर ध्यान जारी रहता है, तो इंडिया पोस्ट आने वाले समय में अपनी राजस्व क्षमता को और मजबूत कर सकता है।

 

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