यूपी के 3 करोड़ किसानों और महिलाओं को योगी सरकार का बड़ा तोहफा

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उजाला / देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से राहत दिलाने के लिए योगी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि प्राकृतिक कारणों से फसल बर्बाद होने वाले किसानों के लिए जल्द ही विशेष राहत पैकेज लाया जाएगा। इससे प्रदेश के करीब तीन करोड़ किसान परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अल नीनो और असमय आने वाले चक्रवातों के कारण खेती-किसानी के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। कहीं अत्यधिक बारिश से फसलें बर्बाद हो रही हैं तो कहीं सूखे और ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बीते 15 दिनों में दो बार हुई भारी बारिश, आंधी और तूफान ने खेतों में खड़ी फसलों को प्रभावित किया है। योगी ने कहा कि सरकार प्रभावित किसानों को तत्काल मुआवजा उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही एक अलग राहत पैकेज तैयार किया जा रहा है, ताकि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को आर्थिक सहारा मिल सके। हालांकि, इस पैकेज की कुल धनराशि, पात्रता और वितरण प्रक्रिया का अभी खुलासा नहीं किया गया है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आएगा विशेष पैकेज

किसानों के साथ मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार जल्द ही विशेष पैकेज लेकर आएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से अपील की कि वे पहले से ही तय करें कि उन्हें कौन-सा काम शुरू करना है। सरकार उनके प्रयासों में सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करे और बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में योगदान दे, यही सरकार की प्राथमिकता है। योगी ने लखपति दीदी और बीसी सखी जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में सुरक्षा का बेहतर माहौल बनने से महिलाएं अब उद्योगों में नाइट शिफ्ट में भी काम कर रही हैं। इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और पीआरडी जवानों के मानदेय में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य वर्गों के मानदेय में वृद्धि की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

मडियों और श्रमिक अड्डों पर खुलेंगे अन्नपूर्णा भोजनालय

मुख्यमंत्री की घोषणाओं में किसानों और श्रमिकों के लिए सस्ते भोजन की व्यवस्था भी शामिल है। प्रदेश की प्रमुख कृषि मंडियों और निर्माण श्रमिकों के लिए बनाए जा रहे श्रमिक अड्डों पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू किए जाएंगे। इस योजना का सीधा फायदा उन किसानों को मिलेगा, जो अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के इलाकों से मंडियों में पहुंचते हैं। अभी तक कई किसानों को मंडियों में इंतजार के दौरान चाय, गुड़-पानी या अन्य साधारण खाद्य पदार्थों पर निर्भर रहना पड़ता है। लेकिन अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू होने के बाद उन्हें टोकन मनी देकर दो रोटी और भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसी तरह निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों को भी इन भोजनालयों के माध्यम से कम कीमत पर भोजन मिल सकेगा। इससे दिहाड़ी मजदूरों और निर्माण श्रमिकों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, भोजन की कीमत, भोजनालयों की संख्या और संचालन की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है।

उज्ज्वला योजना के 1.89 करोड़ परिवारों को दीपावली का तोहफा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी वितरित करने के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को करीब 1,500 करोड़ रुपये की सहायता का लाभ दिया गया। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को सब्सिडी के प्रतीकात्मक चेक भी वितरित किए। इस पहल के तहत पात्र परिवारों को गैस सिलेंडर रिफिल पर आर्थिक राहत दी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की व्यवस्था के तहत उज्ज्वला लाभार्थियों को साल में दो रिफिल पर सहायता दी जाती है। इनमें एक दीपावली से पहले और दूसरा होली से पहले उपलब्ध कराया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं लागू करना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। किसानों को आर्थिक सुरक्षा, महिलाओं को आत्मनिर्भरता और श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इन घोषणाओं के बाद अब किसानों और महिलाओं को प्रस्तावित विशेष पैकेज की विस्तृत रूपरेखा का इंतजार है। खास तौर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन योजनाओं का लाभ किस प्रक्रिया से मिलेगा और इन्हें जमीन पर कब तक लागू किया जाएगा।

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