6,500 फर्जी शिक्षक वोटरों का दावा, RJD ने की चुनाव रद्द कर जांच कराने की मांग

BIHAR

उजाला / बिहार

बिहार में 23 अक्टूबर 2026 को होने वाले विधान परिषद (MLC) चुनाव से पहले फर्जी शिक्षक मतदाताओं का मामला गरमा गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए चुनाव रद्द करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। RJD के प्रत्याशी संजीव सिंह ने दावा किया है कि मतदाता सूची में हजारों ऐसे नाम शामिल किए गए, जो संबंधित कॉलेजों में शिक्षक के रूप में कार्यरत नहीं हैं। हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, विभिन्न कॉलेजों की ओर से इस संबंध में शिकायत मिलने की जानकारी नहीं है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले फर्जी मतदाताओं को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

6,500 फर्जी शिक्षक वोटरों का दावा, 5,200 नाम हटने की बात

RJD प्रत्याशी संजीव सिंह ने गुरुवार को एबीपी न्यूज़ से बातचीत में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि इस बार निर्वाचन क्षेत्र में कुल 16,800 मतदाता पंजीकृत हैं। संजीव सिंह के मुताबिक, जांच के दौरान करीब 6,500 ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई, जिन्हें उन्होंने फर्जी शिक्षक वोटर बताया। उन्होंने दावा किया कि इन मतदाताओं के नामों से संबंधित जानकारी चुनाव आयोग को उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद करीब 5,200 नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। हालांकि, उनके अनुसार, अब भी लगभग 1,200 संदिग्ध मतदाताओं के नाम सूची में बने हुए हैं।

RJD प्रत्याशी का कहना है कि जब तक मतदाता सूची की निष्पक्ष जांच नहीं होती और कथित फर्जी नामों को हटाया नहीं जाता, तब तक चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल बने रहेंगे। इसी आधार पर उन्होंने चुनाव रद्द कर जांच के बाद दोबारा मतदान कराने की मांग की है।

कॉलेजों के रिकॉर्ड से मिलान करने पर सामने आई गड़बड़ी?

संजीव सिंह के अनुसार, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की आधिकारिक मतदाता सूची मिलने के बाद उसमें दर्ज नामों का संबंधित कॉलेजों के आधिकारिक सेवा रिकॉर्ड से मिलान किया गया। उनके दावे के मुताबिक, इस प्रक्रिया में ऐसे कई नाम सामने आए, जिनके बारे में संबंधित संस्थानों के रिकॉर्ड में शिक्षक के रूप में कार्यरत होने की पुष्टि नहीं हुई। उन्होंने इस मामले को साबित करने के लिए अलग-अलग कॉलेजों के दस्तावेज भी दिखाए। संजीव सिंह ने एसटी कॉलेज ऑफ एजुकेशन के दस्तावेज का हवाला देते हुए दावा किया कि वहां 31 कथित फर्जी शिक्षक मतदाता पाए गए, लेकिन उनके नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए गए।

उन्होंने एक अन्य कॉलेज के दस्तावेज का उल्लेख करते हुए भी 31 संदिग्ध मतदाताओं के नाम सूची में बने रहने का आरोप लगाया। इसके अलावा, संत कबीर कॉलेज से संबंधित दस्तावेज दिखाकर उन्होंने करीब 150 कथित फर्जी शिक्षक मतदाताओं की मौजूदगी का दावा किया। RJD प्रत्याशी ने कहा कि उनके पास मौजूद दस्तावेज मूल हैं और उन पर संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर तथा मुहर भी हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को ‘वोट चोरी’ का मामला बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन दस्तावेजों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

चुनाव आयोग के सूत्रों का अलग दावा

इस पूरे मामले में चुनाव आयोग के सूत्रों का पक्ष भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आयोग के सूत्रों ने कहा है कि अलग-अलग कॉलेजों की ओर से फर्जी शिक्षक मतदाताओं को लेकर कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में RJD प्रत्याशी के आरोपों और आयोग के सूत्रों के दावे के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या संबंधित कॉलेजों के सेवा रिकॉर्ड और मतदाता सूची का आधिकारिक स्तर पर दोबारा सत्यापन कराया जाएगा? क्या संजीव सिंह की ओर से दिखाए गए दस्तावेजों की जांच होगी? और क्या चुनाव से पहले कथित फर्जी मतदाताओं के नामों को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा? इन सवालों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

23 अक्टूबर को आठ सीटों पर मतदान, 27 अक्टूबर को मतगणना

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इनमें चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होनी है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर उठे विवाद ने चुनाव से ठीक पहले पारदर्शिता और निष्पक्षता पर बहस तेज कर दी है। RJD ने चुनाव रद्द कर जांच कराने की मांग उठाई है, जबकि आयोग के सूत्रों के अनुसार, कॉलेजों से शिकायत मिलने की जानकारी नहीं है। फिलहाल, कथित फर्जी मतदाताओं के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *