अंशुमान सिंह के समर्थन में 2 हजार से अधिक लोगों की महापंचायत

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उजाला / उत्तरप्रदेश

गोरखपुर: समाजवादी पार्टी से जुड़े थप्पड़ कांड का विवाद अब सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है। गोरखपुर में पूर्व सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी और अंशुमान सिंह से जुड़े विवाद के बाद जहां निषाद समाज की ओर से समर्थन और विरोध दर्ज कराया गया, वहीं अब बांसगांव में क्षत्रिय समाज ने अंशुमान सिंह के समर्थन में महापंचायत की। मंगलवार को बांसगांव में आयोजित इस महापंचायत में 2 हजार से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया गया। बताया गया कि महापंचायत में करीब तीन घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें मौजूद लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई। साथ ही कहा गया कि किसी भी घटना में जांच पूरी होने से पहले एकतरफा कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। महापंचायत में अंशुमान सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर भी सवाल उठाए गए और जांच में आरोप निराधार पाए जाने की स्थिति में मुकदमा वापस लेने की मांग की गई।

मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

महापंचायत के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष प्रीति सिंह की ओर से एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई। इसमें कहा गया कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जानी चाहिए। कार्यक्रम में क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री राजवीर सिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता कालिका सिंह, मंडल उपाध्यक्ष जेपी सिंह, मंडल महामंत्री इंद्रजीत सिंह और अजीत सिंह समेत संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह बबलू, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष यशवंत सिंह, विनय कुमार सिंह, मृत्युंजय सिंह, विकास सिंह, रत्नेश्वर सिंह राजू, देवेश सिंह और अन्य स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

संजय निषाद के बयान पर भी जताई नाराजगी

महापंचायत के दौरान वक्ताओं ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी सरकार के मंत्री डॉ. संजय निषाद के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। संजय निषाद ने एक कार्यक्रम में कहा था कि यदि कोई हाथ उठाए तो उसका हाथ तोड़-काट दिया जाए और जमानत कराने की बात कही थी। उनके इस बयान की विभिन्न स्तरों पर चर्चा हुई है। बांसगांव की महापंचायत में वक्ताओं ने संजय निषाद के बयान पर नाराजगी जताते हुए उनसे इस तरह की भाषा से बचने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि विवाद को कानून के दायरे में रहकर सुलझाया जाना चाहिए और किसी भी पक्ष के खिलाफ कार्रवाई तथ्यों और जांच के आधार पर होनी चाहिए।

दुकानों को बंद रखने का भी आह्वान

महापंचायत से पहले नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय कुमार सिंह बबलू की ओर से बांसगांव कस्बे की दुकानों को बंद रखने का आह्वान किया गया था। इसके बाद स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज रही। गौरतलब है कि 3 अक्टूबर को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में सपा की प्रेस वार्ता के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते कहासुनी हाथापाई में बदल गई और पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी को थप्पड़ मारे जाने का आरोप सामने आया। घटना के बाद इसका वीडियो भी सामने आया था।

मामले ने इसके बाद राजनीतिक रूप भी लिया। सपा ने अंशुमान सिंह के खिलाफ कार्रवाई की और पार्टी की गोरखपुर जिला इकाई को भी भंग कर दिया। अब बांसगांव में हुई महापंचायत के बाद यह विवाद सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे प्रकरण में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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