लखनऊ में अवैध हुक्का बार पर पुलिस की छापेमारी, 42 लोग हिरासत में

LUCKNOW

उजाला / उत्तरप्रदेश

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से हुक्का परोसे जाने के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कैसरबाग थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात पुलिस ने सिटी होटल के ऊपर संचालित कैफे टेल्स कैफे में छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, कैफे में ग्राहकों को चोरी-छिपे हुक्का परोसा जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हुक्का पीने और परोसने वाले कुल 42 लोगों को हिरासत में लिया। मौके से बड़ी संख्या में हुक्का, चिलम, पाइप और फ्लेवर पैकेट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, कैसरबाग पुलिस को 5 अक्टूबर को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि सिटी होटल की चौथी मंजिल पर स्थित कैफे टेल्स कैफे में ग्राहकों को अवैध रूप से हुक्का परोसा जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए कैसरबाग पुलिस की टीम ने देर रात कैफे में छापेमारी की। पुलिस टीम जब कैफे की चौथी मंजिल पर पहुंची तो वहां कई लोग टेबल के आसपास बैठकर हुक्का पीते मिले। बताया गया कि हुक्के से निकलने वाला धुआं कैफे के हॉल के साथ-साथ सीढ़ियों तक फैला हुआ था। पुलिस को देखते ही कैफे में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस के मुताबिक, कैफे संचालन से जुड़े लोगों में से एक ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर अंदर प्रवेश किया। तलाशी के दौरान कैफे में रखी 11 टेबलों पर 14 हुक्के मिले। पुलिस की मौजूदगी देखकर कैफे संचालन से जुड़े तीन लोग पीछे के रास्ते से भागने में सफल रहे। इनकी पहचान सैय्यद जिया अली उर्फ दाऊद, बिलाल और सारिक के रूप में बताई गई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हुक्का पीने और उसे परोसने वाले 42 लोगों को हिरासत में लिया। इसके अलावा कैफे की किचन की तलाशी लेने पर छह क्षतिग्रस्त हुक्के, छह भरी हुई चिलम, 20 खाली चिलम और 10 पाइप बरामद किए गए। पुलिस को वहां 45-45 ग्राम के 11 फ्लेवर पैकेट भी मिले।

तलाशी के दौरान कैफे के काउंटर से तीन मोबाइल फोन और 2,420 रुपये नकद भी बरामद हुए। पुलिस ने कैफे कर्मचारियों से हुक्का बार संचालन से संबंधित लाइसेंस के बारे में जानकारी मांगी, लेकिन मौके पर मौजूद कर्मचारी कोई लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ के दौरान पकड़े गए कैफे कर्मचारी शाहरूख अंसारी ने पुलिस को बताया कि कैफे में चोरी-छिपे ग्राहकों को हुक्का परोसा जाता था। उसके मुताबिक, कैफे संचालक सैय्यद जिया अली उर्फ दाऊद, बिलाल और सारिक ने उसे काम पर रखा था। कर्मचारी ने बताया कि अधिक पैसे कमाने के लालच में वह ग्राहकों को हुक्का परोसने का काम करता था। उसे हुक्का परोसे जाने पर प्रतिबंध की जानकारी थी, इसके बावजूद वह यह काम कर रहा था।

कैसरबाग इंस्पेक्टर अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से हुक्का और उससे संबंधित सामान बरामद किया है। कैफे संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। राजधानी में कैफे और रेस्टोरेंट की आड़ में अवैध रूप से हुक्का परोसे जाने के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कैफे में यह गतिविधि कब से संचालित हो रही थी और इसमें अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

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