होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाज पर हमला, 11 भारतीय नाविक घायल

Indian Crew

उजाला / अंतर्राष्ट्रीय

होर्मुज जलडमरूमध्य में मंगलवार को पनामा के झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज एमटी ऑन पीस (MT On Peace) पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस घटना में जहाज के 19 सदस्यीय चालक दल में से 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 11 भारतीय नागरिक शामिल हैं। भारत के विदेश मंत्रालय ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

होर्मुज से गुजरते समय हुआ हमला

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, एमटी ऑन पीस ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी उस पर एक प्रोजेक्टाइल आकर लगा। जहाज पर कुल 19 चालक दल सदस्य सवार थे, जिनमें 17 भारतीय नागरिक थे। हमले के बाद 12 नाविक घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय हैं। घटना के बाद घायल नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायल चालक दल को ओमान के खसब (Khasab) ले जाया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। भारत के विदेश मंत्रालय ने घायल नाविकों को सुरक्षित निकालने और उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग के लिए ओमानी अधिकारियों का आभार जताया है।

भारत ने हमलों पर जताई गंभीर चिंता

विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रही घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। भारत ने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए चिंता का विषय हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने की घटनाएं तत्काल बंद होनी चाहिए। साथ ही अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए सुरक्षित नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल करने की जरूरत बताई गई है।

दूसरे टैंकर को भी मिली धमकी

इसी बीच, ब्रिटेन की UK Maritime Trade Operations (UKMTO) से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक अन्य वाणिज्यिक टैंकर को रेडियो के जरिए संपर्क किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, जहाज को रास्ता बदलने के लिए कहा गया और कथित तौर पर चेतावनी दी गई कि निर्देश नहीं मानने पर उसे निशाना बनाया जा सकता है। यह घटना सोमवार सुबह करीब 8:27 UTC पर ओमान के खसब से लगभग 11 नॉटिकल मील उत्तर में हुई। जहाज के मास्टर ने निर्देशों का पालन करते हुए अपना रास्ता बदल दिया। मामले की जांच जारी है और UKMTO ने क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सलाह दी है।

समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंता जता चुके हैं जयशंकर

वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठा चुके हैं। उन्होंने समुद्री क्षेत्र में सामने आ रही नई चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा था कि खाड़ी से लेकर लाल सागर और काला सागर तक वाणिज्यिक जहाजों तथा नाविकों पर हमले चिंता का विषय हैं। जयशंकर के अनुसार, इन घटनाओं में भारतीय नाविकों समेत कई देशों के लोगों की जान गई है। उन्होंने ऐसी घटनाओं को अस्वीकार्य बताते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया था। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार और ऊर्जा मार्गों में शामिल है। ऐसे में यहां वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती घटनाएं अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए महत्वपूर्ण चिंता का विषय बनी हुई हैं। एमटी ऑन पीस पर हमले के बाद भारत ने सुरक्षित समुद्री मार्ग और निर्बाध अंतरराष्ट्रीय व्यापार बहाल करने की जरूरत दोहराई है।

 

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