उजाला / उत्तरप्रदेश
प्रयागराज। ट्रेन में सफर के दौरान मोबाइल फोन गुम हो जाए या रेलवे स्टेशन की भीड़ में कोई कीमती फोन गायब हो जाए, तो यात्री के लिए परेशानी बढ़ जाती है। कई बार मोबाइल में मौजूद जरूरी दस्तावेज, निजी तस्वीरें, संपर्क नंबर और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी लोगों की चिंता बढ़ा देती हैं। ऐसे में प्रयागराज राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। जीआरपी ने अलग-अलग जिलों और राज्यों में ट्रेस कर करीब 50 लाख रुपये कीमत के 110 एंड्रॉयड मोबाइल और आईफोन बरामद किए हैं। इसके बाद इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों के सुपुर्द कर दिया गया।
दूसरे जिलों और राज्यों तक पहुंची पुलिस की टीम
रेलवे स्टेशनों और चलती ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल गुम होने की शिकायतें पुलिस के सामने आती रहती हैं। कई मामलों में मोबाइल खोने के बाद यात्रियों को उसके वापस मिलने की उम्मीद भी कम हो जाती है। लेकिन प्रयागराज जीआरपी ने तकनीकी सहायता और मोबाइल ट्रेसिंग के जरिए इन फोन को खोजने में सफलता हासिल की। बरामद किए गए 110 मोबाइल में अलग-अलग कंपनियों के एंड्रॉयड फोन और आईफोन शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। मोबाइलों को अलग-अलग जिलों और राज्यों से खोजकर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना इस अभियान की अहम उपलब्धि है।
तकनीक और सर्विलांस से मिली सफलता
मोबाइल फोन की बरामदगी में तकनीकी जांच और सर्विलांस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मोबाइल गुम होने की शिकायत मिलने के बाद उपलब्ध विवरण के आधार पर उसकी पहचान और इस्तेमाल से जुड़ी तकनीकी जानकारियों की जांच की जाती है। इसके बाद फोन की लोकेशन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश की जाती है। रेलवे यात्रियों के गुम और चोरी हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए देशभर में पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां तकनीकी प्रणालियों का इस्तेमाल कर रही हैं। दूरसंचार विभाग का सीईआईआर (CEIR) सिस्टम भी गुम या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करने और उसके दोबारा इस्तेमाल की स्थिति में ट्रेस करने में मदद करता है। हालांकि, प्रयागराज जीआरपी के इस विशेष अभियान में इस्तेमाल की गई सभी तकनीकों का विस्तृत आधिकारिक ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
मोबाइल वापस मिलने से यात्रियों को राहत
कीमती मोबाइल वापस मिलने पर यात्रियों को आर्थिक नुकसान से राहत मिलती है। इसके साथ ही फोन में मौजूद व्यक्तिगत जानकारियों और जरूरी डेटा को लेकर बनी चिंता भी कम हो सकती है। मोबाइल फोन आज केवल बातचीत का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, कामकाज और निजी संपर्कों का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में गुम हुए मोबाइल की बरामदगी यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। प्रयागराज जीआरपी की इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि समय पर शिकायत दर्ज कराने और उपलब्ध तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करने से गुम हुए मोबाइल की तलाश में मदद मिल सकती है।
मोबाइल गुम होने पर क्या करें?
यदि ट्रेन या रेलवे स्टेशन पर मोबाइल फोन गुम हो जाए, तो यात्री को जल्द से जल्द जीआरपी या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल पर उपलब्ध सीईआईआर सुविधा के जरिए गुम या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक कराने का अनुरोध किया जा सकता है। इसके लिए मोबाइल का आईएमईआई नंबर, मोबाइल नंबर और आवश्यक शिकायत संबंधी जानकारी तैयार रखें। फोन वापस मिलने पर संबंधित पोर्टल पर उसकी स्थिति अपडेट करानी चाहिए। प्रयागराज जीआरपी की ओर से 110 मोबाइलों की बरामदगी यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। इस कार्रवाई से उम्मीद बढ़ती है कि गुम हुए मोबाइल की शिकायत को समय पर दर्ज कराने और तकनीकी जांच के जरिए उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जा सकता है।
