उजाला/ उत्तरप्रदेश
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या एक बार फिर दीपों की रोशनी से जगमगाने के लिए तैयार हो रही है। इस बार श्रीरामजन्मभूमि परिसर में दीपोत्सव को विशेष और भव्य स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। आगामी 7 नवंबर को राम मंदिर परिसर में करीब एक लाख दीप जलाए जाएंगे। इन दीपों की जगमगाती रोशनी से श्रीरामलला मंदिर से लेकर कुबेर टीला और दर्शन मार्ग तक पूरा परिसर रोशनी से नहा उठेगा। आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
दीपोत्सव की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार, 31 अक्टूबर को यात्री सुविधा केंद्र (PFC) के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों और प्रमुख कार्यकर्ताओं ने दीप प्रज्ज्वलन, सजावट, कार्यकर्ताओं की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही सभी टीमों को उनकी जिम्मेदारियां भी सौंप दी गईं। लक्ष्य रखा गया है कि अगले पांच दिनों के भीतर परिसर में दीपोत्सव से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं।
पांच जोन में बांटा गया श्रीरामजन्मभूमि परिसर
दीपोत्सव के दौरान व्यवस्थाओं में किसी तरह की परेशानी न हो और प्रत्येक क्षेत्र में दीपों को योजनाबद्ध तरीके से लगाया जा सके, इसके लिए पूरे परिसर को पांच अलग-अलग जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी अलग-अलग टीमों को दी गई है। करीब एक हजार कार्यकर्ता दीपों को व्यवस्थित ढंग से लगाने और पूरे परिसर को सजाने का काम करेंगे।
जोनवार दीपों की व्यवस्था भी निर्धारित कर दी गई है।
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पहला जोन: श्रीरामलला मंदिर परिसर में 30 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
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दूसरा जोन: कुबेर टीला और सप्तमंडप क्षेत्र में 30 हजार से ज्यादा दीप जलाए जाएंगे।
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तीसरा जोन: वापसी दर्शन मार्ग और यात्री सुविधा केंद्र पर 14 हजार से अधिक दीप लगाए जाएंगे।
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चौथा जोन: यात्री सेवा केंद्र और अंगद टीला क्षेत्र में 13 हजार से ज्यादा दीपों से सजावट होगी।
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पांचवां जोन: श्रीरामजन्मभूमि पथ और दर्शन मार्ग पर 13 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
इन पांचों जोन में दीपों की संख्या और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय कर दी गई है, ताकि निर्धारित समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों की मौजूदगी में बनी रणनीति
तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र, ट्रस्ट के सचिव जगदीश आफले और जगन्नाथ गुलवे सहित आयोजन से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में सभी टीमों को उनके कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं को दीपों की उपलब्धता, उन्हें निर्धारित स्थानों पर व्यवस्थित करने और परिसर की सजावट जैसे महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए हैं। अगले पांच दिनों में इन सभी तैयारियों को पूरा करने की योजना है।
रामनगरी में दीपों से सजेगा रामलला का धाम
7 नवंबर को होने वाला यह दीपोत्सव श्रीरामजन्मभूमि परिसर के लिए खास रहने वाला है। करीब एक लाख दीपों की रोशनी से रामलला का मंदिर, कुबेर टीला, सप्तमंडप और दर्शन मार्ग आकर्षक दिखाई देंगे। इस आयोजन का उद्देश्य श्रीरामजन्मभूमि परिसर को भव्य रूप से सजाने के साथ दीपोत्सव की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को भी विशेष स्वरूप देना है। अब सभी की निगाहें 7 नवंबर पर टिकी हैं, जब रामनगरी के श्रीरामजन्मभूमि परिसर में एक साथ हजारों दीपों की लौ आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगी।
