लखनऊ के ईको गार्डन में दो मोर्चों पर प्रदर्शन, आजीविका मिशन की महिलाओं ने मांगा 20 हजार मानदेय

LUCKNOW

उजाला / उत्तरप्रदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शनकारियों की आवाज बुलंद हुई। ईको गार्डन में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं और 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। दोनों ही समूह अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार से न्याय और मांगों पर कार्रवाई की अपील कर रहे हैं। एक तरफ ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाएं मानदेय बढ़ाने, सुविधाएं देने और स्थायी नौकरी की मांग कर रही हैं, तो दूसरी तरफ शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी कथित आरक्षण घोटाले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।

दो हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये मानदेय करने की मांग

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि वे लंबे समय से मिशन के तहत विभिन्न जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला मानदेय उनकी मेहनत और जरूरतों के लिहाज से पर्याप्त नहीं है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने वर्तमान में मिल रहे दो हजार रुपये के मानदेय को बढ़ाकर 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग उठाई है। महिलाओं ने केवल मानदेय बढ़ाने तक ही अपनी मांग सीमित नहीं रखी, बल्कि कामकाज के दौरान जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की। इसमें आने-जाने के लिए यात्रा भत्ता, मोबाइल रिचार्ज, पांच लाख रुपये का बीमा, पहचान पत्र और यूनिफॉर्म शामिल हैं। इसके साथ ही महिलाओं ने उन्हें स्थायी कर्मचारी घोषित करने की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि लंबे समय से काम करने के बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त आर्थिक लाभ मिल रहा है और न ही नौकरी की स्थिरता से जुड़ी सुविधाएं। ऐसे में वे चाहती हैं कि सरकार उनकी जिम्मेदारियों और योगदान को देखते हुए मानदेय तथा सेवा शर्तों में सुधार करे।

68500 शिक्षक भर्ती में कथित आरक्षण घोटाले की जांच की मांग

दूसरी ओर, ईको गार्डन के बाहर 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का आंदोलन भी जारी है। अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में कथित आरक्षण अनियमितताओं को लेकर विरोध जता रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए प्रदर्शनकारियों ने भर्ती का परिणाम संशोधित करने और आरक्षण के तहत पात्र अभ्यर्थियों को नियमानुसार नियुक्ति देने की मांग की है। उनका कहना है कि आयोग के आदेश के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।

आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदर्शन में शामिल कुछ अभ्यर्थी पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। धरना स्थल पर महिला और पुरुष अभ्यर्थियों की मौजूदगी बनी हुई है। प्रदर्शनकारी सीटी और घंटियां बजाकर सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।

विधानसभा के बाहर प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेजा

प्रदर्शन के दौरान कुछ शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने विधानसभा के बाहर भी अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों के माध्यम से ईको गार्डन भेज दिया। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार के सामने दो अलग-अलग मांगों की चुनौती

लखनऊ के ईको गार्डन में चल रहे इन प्रदर्शनों ने एक बार फिर रोजगार, मानदेय, सामाजिक सुरक्षा और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को चर्चा में ला दिया है। ग्रामीण आजीविका मिशन की महिलाएं सम्मानजनक मानदेय और स्थायी रोजगार चाहती हैं, जबकि शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी अपने भविष्य और कथित आरक्षण अनियमितताओं पर जवाब मांग रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इन दोनों समूहों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और प्रदर्शनकारियों को राहत देने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं। फिलहाल ईको गार्डन में आंदोलन जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर कार्रवाई होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

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