बिहार में 8,500 करोड़ रुपये से बनेगी 146 किमी लंबी फोरलेन सड़क

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उजाला / देश

बिहार न्यूज: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) की कार्ययोजना के तहत बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा निवेश प्रस्तावित है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की मंजूरी के तहत राज्य में चार लेन की पांच सड़क परियोजनाओं पर काम करने की योजना है। इनमें मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क की फोरलेनिंग सबसे प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना के लिए 8,500 करोड़ रुपये की योजना को सहमति मिलने की जानकारी सामने आई है। करीब 146 किलोमीटर लंबी इस सड़क के चौड़ीकरण से बिहार के कई जिलों के साथ अयोध्या, सीतामढ़ी और नेपाल के जनकपुर के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

8,500 करोड़ रुपये की लागत से होगा सड़क का चौड़ीकरण

प्रस्तावित योजना के अनुसार, मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क को चार लेन में विकसित किया जाएगा। यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 227 और 227ए से संबंधित है। लगभग 146 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर 8,500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इतनी बड़ी राशि के निवेश से सड़क की क्षमता बढ़ाने, आवागमन को सुगम बनाने और क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। फोरलेन सड़क बनने से मौजूदा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, परियोजना के निर्माण की समयसीमा, काम शुरू होने की तारीख और चरणबद्ध क्रियान्वयन से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से स्पष्ट होना बाकी है।

चार जिलों से होकर गुजरेगा महत्वपूर्ण मार्ग

मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क बिहार के सारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी जिलों से होकर गुजरती है। ऐसे में इस परियोजना का लाभ केवल एक जिले तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई क्षेत्रों के लोगों और कारोबारियों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की संभावना है। इन जिलों में रहने वाले लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, व्यापारिक केंद्रों और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंच आसान हो सकती है। इसके अलावा, मालवाहक वाहनों की आवाजाही में सुधार होने से स्थानीय व्यापार और परिवहन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

अयोध्या, सीतामढ़ी और नेपाल से जुड़ाव होगा अहम

इस सड़क परियोजना का एक महत्वपूर्ण पहलू इसका धार्मिक और अंतरराष्ट्रीय संपर्क है। यह मार्ग अयोध्या को माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी और नेपाल के जनकपुर क्षेत्र से जोड़ने वाले संपर्क मार्ग के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अयोध्या और जनकपुर दोनों धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखते हैं। ऐसे में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकती है। भारत-नेपाल सीमा के निकटवर्ती क्षेत्रों में व्यापार और लोगों की आवाजाही को भी इससे लाभ मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। साथ ही, स्थानीय कारोबारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

बिहार में पांच फोरलेन परियोजनाओं की योजना

वित्तीय वर्ष 2026-27 की राष्ट्रीय राजमार्ग कार्ययोजना के तहत बिहार में चार लेन की पांच सड़क परियोजनाओं पर निवेश की योजना है। इनमें मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क के लिए प्रस्तावित 8,500 करोड़ रुपये का निवेश विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत करना और विभिन्न जिलों के बीच आवागमन को बेहतर बनाना है। हालांकि, अन्य चार परियोजनाओं की लागत, लंबाई और स्थानों से संबंधित विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

कुल मिलाकर, मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क की फोरलेनिंग बिहार के सड़क बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। परियोजना पूरी होने पर क्षेत्रीय आवागमन, धार्मिक पर्यटन, व्यापार और भारत-नेपाल संपर्क को लाभ मिलने की उम्मीद है। अब इस योजना के आगे के क्रियान्वयन, निर्माण की समयसीमा और जमीनी स्तर पर काम शुरू होने से जुड़ी जानकारी पर नजर रहेगी।

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