उजाला/उत्तरप्रदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। नियुक्ति की मांग को लेकर सोमवार को लखनऊ में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास का घेराव कर सुंदरकांड का पाठ किया और सरकार व अधिकारियों की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की। इस दौरान अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर नारेबाजी की। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
मंत्री आवास के बाहर गूंजे आरक्षण घोटाले के खिलाफ नारे
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित आरक्षण अनियमितताओं को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने ‘ऐसी क्या मजबूरी है, आरक्षण की चोरी है’ और ‘पिछड़ा आयोग ने माना है, आरक्षण घोटाला है’ जैसे नारे लगाए। अभ्यर्थियों का आरोप है कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया, जिसके कारण पात्र अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को मौके से हटाने का प्रयास किया। इस बीच पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी कुछ प्रदर्शनकारियों को उठाकर ले जाते दिखाई दिए। अभ्यर्थियों ने पुलिस पर कपड़े फाड़ने और अभद्रता करने के आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
10 सितंबर की बैठक का दिया हवाला
प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थी तूफान सिंह ने बताया कि 10 सितंबर को अभ्यर्थियों की मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से हुई थी। उनके मुताबिक, बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। तूफान सिंह का दावा है कि बैठक के दौरान भर्ती में हुई गड़बड़ियों के मुद्दे पर चर्चा हुई और अधिकारियों के स्तर पर भी अनियमितताओं को स्वीकार किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अभ्यर्थियों के मुताबिक, राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण से जुड़ी शिकायतों पर संज्ञान लिया है, तो इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है।
आठ साल से नियुक्ति का इंतजार, अभ्यर्थियों में नाराजगी
प्रदर्शनकारी आशुतोष वर्मा ने कहा कि अभ्यर्थी पिछले आठ वर्षों से नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में बड़े स्तर पर आरक्षण संबंधी गड़बड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी आरक्षण से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में हस्तक्षेप करते हुए नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से नियुक्ति की मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने सोमवार को मंत्री आवास पर प्रदर्शन किया और सुंदरकांड का पाठ कर सरकार से न्याय की मांग की।
नियुक्ति को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग
68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों की मांग है कि आरक्षण संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया जाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की है।फिलहाल, अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर विवाद और उनकी मांगों पर सरकार की ओर से स्पष्ट निर्णय का इंतजार है। इस मामले में अभ्यर्थियों के आरोपों, आयोगों के निर्देशों और संबंधित विभागों के आधिकारिक पक्ष के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
