उजाला / उत्तरप्रदेश
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के विरोध में छात्र और युवा संगठनों ने प्रदर्शन किया। दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने धरना देकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया रद्द करने, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन को देखते हुए धरनास्थल पर कई थानों की पुलिस तैनात रही। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन से भी निगरानी की गई।
SIR प्रक्रिया रद्द करने की मांग
प्रदर्शन में शामिल दिशा छात्र संगठन और नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी अंजली ने आरोप लगाया कि देशभर में मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को लेकर लोगों में नाराजगी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर दिल्ली से लेकर प्रयागराज तक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। अंजली के मुताबिक, मतदान करना नागरिकों का बुनियादी राजनीतिक अधिकार है। ऐसे में मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से न छूटे। उन्होंने SIR प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

EVM की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
प्रदर्शनकारी पवन ने भी चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि SIR के तहत मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता की कमी है। उन्होंने मांग की कि जिन राज्यों में SIR के बाद चुनाव हो चुके हैं, वहां के चुनाव रद्द कर दोबारा कराए जाएं। पवन ने ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की भी मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव रद्द करने से संबंधित ये बातें प्रदर्शनकारियों के आरोप और मांगें हैं।
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और वहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने का फैसला किया गया था। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं को रोके जाने की बात भी कही गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो ने सुरक्षा कारणों से 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 10 अक्टूबर की शाम 6 बजे तक 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद रखने की घोषणा की थी। इससे पहले 57 स्टेशनों की सूची जारी की गई थी। हालांकि, मेट्रो स्टेशनों को बंद रखने और कार्यकर्ताओं को रोके जाने के संबंध में संबंधित एजेंसियों का विस्तृत पक्ष यहां उपलब्ध नहीं है।
चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठे सवाल
प्रयागराज में हुआ यह प्रदर्शन मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव आयोग की भूमिका और ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक बहस को सामने लाता है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की अपील की।फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में SIR रद्द करना, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और बैलेट पेपर से चुनाव कराना शामिल है। अब इस मामले में संबंधित अधिकारियों और चुनाव आयोग की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है, इस पर नजर रहेगी।
