उजाला / कानपुर: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को कानपुर के बाबूपुरवा स्थित बागही ईदगाह मैदान में जनसभा को संबोधित किया। राजनीतिक भाषण के दौरान ओवैसी का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने शादीशुदा पुरुषों को पत्नी से प्यार का इजहार करने की सलाह दी और इसी बात को अपनी पार्टी के लिए राजनीतिक अपील से जोड़ दिया।
‘बीवी से प्यार कीजिए और मजलिस को वोट दीजिए’
जनसभा में ओवैसी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि पति को अपनी पत्नी से प्यार का इजहार करने में झिझक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुबह उठने और शाम को घर लौटने के बाद दिन में दो-चार बार पत्नी की आंखों में आंख डालकर “I Love You My Dear” कहना चाहिए।
ओवैसी ने कहा कि इससे पति-पत्नी के रिश्ते में मोहब्बत और अपनापन बढ़ेगा। इसके बाद उन्होंने इसी बात को राजनीतिक अंदाज में जोड़ते हुए कहा कि बीवी से मोहब्बत करें और मजलिस को वोट दें। उनके इस बयान को लेकर जनसभा में मौजूद लोगों के बीच चर्चा हुई।
संविधान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा
ओवैसी के संबोधन से पहले AIMIM के स्थानीय नेताओं ने भी जनसभा को संबोधित किया। वक्ताओं ने संविधान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान ने समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों के लिए राजनीति में आगे बढ़ने का रास्ता खोला है।
जनसभा में राजनीतिक प्रतिनिधित्व का उदाहरण देते हुए वक्ताओं ने कहा कि आम पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी विधायक, मंत्री या प्रधानमंत्री बन सकता है। इसके जरिए संविधान की भूमिका पर जोर दिया गया।
सपा और भाजपा पर निशाना
कानपुर की सभा में AIMIM नेताओं ने समाजवादी पार्टी और भाजपा को लेकर भी अपनी बातें रखीं। पार्टी की ओर से AIMIM पर लगाए जाने वाले ‘बीजेपी की बी-टीम’ के आरोपों का भी जवाब दिया गया।
ओवैसी ने कहा कि AIMIM अपने राजनीतिक विस्तार के लिए चुनाव मैदान में है और उसे किसी दूसरे राजनीतिक दल के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। उन्होंने सपा और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।
ओवैसी ने कानपुर की सभा में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहने के दौरान हुए मुजफ्फरनगर दंगों का भी जिक्र किया और विस्थापन से जुड़ा दावा किया। यह ओवैसी की राजनीतिक आलोचना और उनका चुनावी तर्क है।
जयंत चौधरी के बयान का भी किया जिक्र
ओवैसी ने राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख जयंत चौधरी को लेकर अखिलेश यादव की कथित टिप्पणी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने जयंत चौधरी के समर्थन में बात रखते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर टिप्पणी करने से बचना चाहिए।
इस दौरान ओवैसी ने अखिलेश यादव की भाषा और राजनीतिक रवैये पर सवाल उठाए। यह टिप्पणी भी उनकी ओर से की गई राजनीतिक आलोचना के तौर पर सामने आई है।
‘आई लव मोहम्मद’ के नारे भी लगे
जनसभा के दौरान ‘आई लव मोहम्मद’ के नारे भी लगाए गए। ओवैसी ने मोहब्बत के इजहार की बात करते हुए कहा कि अगर किसी से मोहब्बत है तो उसे जाहिर करने में संकोच नहीं होना चाहिए।
सभा में उन्होंने AIMIM के संगठन और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों का भी जिक्र किया। पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में लगातार जनसभाएं कर रही है।
गठबंधन पर 2 अक्टूबर तक फैसला
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि AIMIM ऐसे दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है, जो भाजपा को सत्ता में लौटने से रोकने के लिए साथ आना चाहते हैं।
रविवार की कानपुर सभा के बाद सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी 2 अक्टूबर तक गठबंधन को लेकर फैसला करेगी। यानी फिलहाल AIMIM ने संभावित गठबंधन को लेकर अंतिम साझेदार का ऐलान नहीं किया है।
कानपुर कैंट से चुनाव लड़ने का दावा
ओवैसी की कानपुर सभा को AIMIM के उत्तर प्रदेश चुनावी अभियान के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी की गतिविधियां कई विधानसभा क्षेत्रों में बढ़ी हैं। रिपोर्टों के अनुसार AIMIM ने कानपुर की कैंट सीट को लेकर भी अपनी चुनावी तैयारी का संकेत दिया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AIMIM की ओर से संगठन विस्तार, जनसभाओं और संभावित गठबंधन को लेकर गतिविधियां जारी हैं। फिलहाल पार्टी की अंतिम गठबंधन रणनीति और सीटों को लेकर तस्वीर 2 अक्टूबर के बाद अधिक स्पष्ट होने की बात कही गई है।
