उजाला / उत्तरप्रदेश
आगरा: विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था को अब और मजबूत किया जा रहा है। ताजमहल के आसपास 500 मीटर के दायरे में आने वाले यलो जोन में 90 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी को बेहतर करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद ब्लाइंड स्पॉट को कम करने की कोशिश की जाएगी। इससे पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ाने और उन्हें परेशान करने वाले लपकों व दलालों पर नजर रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से दो जोन में विभाजित है। रेड जोन, यानी स्मारक परिसर के अंदर की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पास है। वहीं, यलो जोन में ताजमहल के चारों तरफ 500 मीटर की परिधि आती है, जिसकी सुरक्षा व्यवस्था आगरा पुलिस और पीएसी संभालती है।
2016 में शुरू हुई थी CCTV निगरानी
ताजगंज प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2016 में ताजमहल के यलो जोन में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसके साथ ही एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया था, जहां से कैमरों के जरिए इलाके की निगरानी की जाती है। बाद में क्षेत्र में स्मार्ट पोल भी लगाए गए, जिनमें पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ सीसीटीवी कैमरों की सुविधा उपलब्ध कराई गई। हालांकि, मौजूदा कैमरों की संख्या और कवरेज पूरे 500 मीटर के क्षेत्र की प्रभावी निगरानी के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। क्षेत्र में कई ऐसे स्थान हैं, जहां कैमरों की नजर नहीं पहुंचती। इन ब्लाइंड स्पॉट के कारण संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखने में परेशानी आती है।

2.10 करोड़ रुपये की लागत से होंगे कैमरे स्थापित
इसी कमी को दूर करने के लिए पथकर सलाहकार समिति की बैठक में पुलिस की ओर से यलो जोन में नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। समिति की स्वीकृति के बाद अब आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की ओर से कैमरे लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पथकर निधि से इस परियोजना पर करीब 2.10 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत 90 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और करीब छह महीने के भीतर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कंट्रोल रूम से संदिग्ध गतिविधियों पर रहेगी नजर
नए कैमरों के लगने के बाद ताजमहल के आसपास के पूरे यलो जोन की निगरानी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी हो सकेगी। कंट्रोल रूम से अलग-अलग स्थानों पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में पुलिस को कार्रवाई करने और आवश्यक साक्ष्य जुटाने में भी मदद मिलेगी। ताजमहल क्षेत्र में पर्यटकों को परेशान करने वाले लपकों और दलालों को लेकर समय-समय पर कार्रवाई होती रही है। ऐसे में नए सीसीटीवी कैमरों से उनकी गतिविधियों पर नजर रखना आसान हो सकता है। साथ ही पर्यटकों के साथ होने वाली ठगी या अन्य शिकायतों की जांच में भी कैमरों की रिकॉर्डिंग उपयोगी साबित हो सकती है। नई CCTV व्यवस्था का उद्देश्य केवल ताजमहल की सुरक्षा को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि पर्यटकों के लिए सुरक्षित और बेहतर माहौल तैयार करना भी है। 90 नए कैमरों के स्थापित होने के बाद ताजमहल के आसपास सुरक्षा निगरानी का दायरा और मजबूत होने की उम्मीद है।
