उजाला
आगरा के बोदला क्षेत्र निवासी अधिवक्ता सुनील सिंह और उनके परिवार के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। 13 जुलाई से लापता उनका पालतू तोता ‘माऊ’ मिल गया है। माऊ की तलाश के लिए परिवार ने जिस तरह का अभियान चलाया था, उसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। शहरभर में बड़े-बड़े होर्डिंग लगाए गए थे और जो भी माऊ का पता बताएगा या उसे सुरक्षित वापस लाएगा, उसके लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी माऊ के मिलने की खबर सामने आते ही परिवार में खुशी का माहौल है। कई दिनों से उदासी और चिंता में डूबे परिवार ने राहत की सांस ली है। अधिवक्ता सुनील सिंह ने बताया कि 13 जुलाई की शाम करीब साढ़े चार बजे माऊ उनके कंधे पर बैठा हुआ था। उसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज हवा चलने लगी। हवा से घबराकर माऊ उड़ गया और आवास विकास सेक्टर-4 की दिशा में चला गया। परिवार ने तुरंत उसकी तलाश शुरू की, लेकिन काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल पाया इसके बाद सुनील सिंह और उनके परिवार ने आसपास के इलाकों में लगातार खोज अभियान चलाया, लोगों से संपर्क किया और सोशल मीडिया पर भी जानकारी साझा की। बावजूद इसके शुरुआती दिनों में माऊ का कोई सुराग नहीं मिला।सुनील सिंह ने बताया कि करीब एक साल पहले उनके घर के पास एक पेड़ गिर गया था। उसी दौरान उन्हें तोते का एक छोटा बच्चा मिला, जिसे उन्होंने अपने घर लाकर पाला। धीरे-धीरे वह पूरे परिवार का सदस्य बन गया।परिवार ने उसका नाम ‘माऊ’ रखा। सुनील सिंह के अनुसार, माऊ उन्हें ‘पापा’ और उनकी पत्नी को ‘मम्मी’ कहकर बुलाता था। वह अपना नाम भी बोलता था और घर के सभी सदस्यों के साथ घुल-मिल गया था।सुनील सिंह अक्सर उसे अपने कार्यालय भी साथ लेकर जाते थे। रिश्तेदारी में किसी कार्यक्रम में जाना हो या बाहर कहीं जाना हो, माऊ हमेशा उनके साथ रहता था। उन्होंने बताया कि माऊ बेहद शांत स्वभाव का था और उसने कभी किसी को परेशान नहीं किया।
माऊ के अचानक गायब होने का सबसे ज्यादा असर परिवार के बच्चों पर पड़ा। बेटी सृष्टि और बेटे अभिनव अपने प्रिय तोते के बिछड़ने से बेहद दुखी हो गए थे। परिवार के मुताबिक, बेटी ने तो खाना तक छोड़ दिया था और दोनों बच्चे लगातार माऊ को याद कर रो रहे थे।बच्चों की भावनाओं और माऊ को वापस लाने की उम्मीद में सुनील सिंह ने शहरभर में बड़े-बड़े होर्डिंग लगवाए। साथ ही घोषणा की कि जो भी माऊ को सुरक्षित वापस लाएगा या उसकी सही जानकारी देगा, उसे 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।होर्डिंग लगने के बाद सुनील सिंह के पास लगातार फोन आने लगे। उन्होंने बताया कि 50 से अधिक लोगों ने उनसे संपर्क किया। कई लोगों ने दावा किया कि उनके पास तोता है, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि वे उससे भी बेहतर तोता दे सकते हैं। हालांकि सुनील सिंह का जवाब हर बार एक ही था—उन्हें कोई दूसरा तोता नहीं चाहिए, बल्कि अपना माऊ ही चाहिए। आखिरकार उनकी यह उम्मीद पूरी हुई और माऊ सुरक्षित मिल गया। माऊ की कहानी केवल एक पालतू पक्षी के खोने और मिलने की घटना नहीं है, बल्कि यह इंसानों और उनके पालतू जीवों के बीच गहरे भावनात्मक रिश्ते को भी दर्शाती है। परिवार के लिए माऊ सिर्फ एक तोता नहीं, बल्कि घर का सदस्य था। उसकी वापसी ने पूरे परिवार के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौटा दी है।
