त्योहार पर घर जाने वालों की बढ़ी मुसीबत, स्पेशल ट्रेनें 21 घंटे तक लेट

RAILWAYS

उजाला / उत्तरप्रदेश

प्रयागराज। त्योहारी सीजन में घर पहुंचने की उम्मीद लेकर ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। भारतीय रेलवे की ओर से यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनें ही सबसे ज्यादा लेटलतीफी का शिकार हो रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कई ट्रेनें 18 से 21 घंटे से अधिक की देरी से चल रही हैं। इसका सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है, जिन्होंने त्योहार पर परिवार के साथ समय बिताने के लिए पहले से टिकट बुक कराए थे। प्रयागराज जंक्शन और प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर ट्रेनों की देरी ने यात्रियों को परेशान कर दिया है। सबसे ज्यादा परेशानी लंबी दूरी की स्पेशल ट्रेनों में सफर करने वालों को उठानी पड़ रही है।

04132 स्पेशल ट्रेन 21 घंटे 45 मिनट लेट

प्रयागराज जंक्शन पर आने वाली 04132 बेंगलुरु-कानपुर स्पेशल ट्रेन की लेटलतीफी ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी। निर्धारित समय के अनुसार इस ट्रेन को 5 नवंबर की रात 11:10 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचना था। लेकिन 6 नवंबर की रात 8 बजे तक भी ट्रेन स्टेशन नहीं पहुंच सकी। इस ट्रेन के करीब 21 घंटे 45 मिनट विलंबित होने की सूचना सामने आई। लंबी दूरी से आने वाले यात्रियों को स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा। इस देरी के कारण यात्रियों के आगे के सफर और घर पहुंचने की योजना भी प्रभावित हुई। इसके अलावा 02418 शकूरबस्ती-प्रयागराज स्पेशल ट्रेन भी निर्धारित समय से करीब 3 घंटे 20 मिनट की देरी से जंक्शन पहुंची।

छिवकी स्टेशन पर भी ट्रेनों का बुरा हाल

प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर भी स्पेशल ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्रियों को राहत नहीं मिली। यहां आने वाली 05558 एलटीटी-रक्सौल स्पेशल ट्रेन सबसे ज्यादा प्रभावित ट्रेनों में शामिल रही। इस ट्रेन को निर्धारित समय के अनुसार सुबह 4:20 बजे प्रयागराज छिवकी पहुंचना था, लेकिन यह करीब 18 घंटे 30 मिनट की देरी से चल रही थी। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों से बिहार जाने वाले यात्रियों को इस देरी के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे के ट्रेन ट्रैकिंग आंकड़ों में भी 05558 के संचालन में भारी देरी दर्ज की गई है। 5 नवंबर की यात्रा के दौरान 6 नवंबर को यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से काफी पीछे चल रही थी।

महंगा किराया देने के बाद भी नहीं मिल रही सुविधा

त्योहारी सीजन में रेलवे स्पेशल ट्रेनों का संचालन इसलिए करता है, ताकि नियमित ट्रेनों में भीड़ कम हो और यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिल सकें। लेकिन जब यही ट्रेनें घंटों देरी से चलती हैं तो यात्रियों का पूरा यात्रा कार्यक्रम बिगड़ जाता है। स्पेशल ट्रेनों में कई बार सामान्य ट्रेनों की तुलना में अधिक किराया देना पड़ता है। इसके बावजूद समय पर मंजिल तक नहीं पहुंच पाने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को लंबे इंतजार के दौरान भोजन, पानी और बैठने की व्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

रेलवे के सामने समय पर ट्रेन चलाने की चुनौती

त्योहारी सीजन में ट्रेनों की लेटलतीफी के पीछे परिचालन दबाव, ट्रैक पर अधिक यातायात और रूट पर ट्रेनों के संचालन जैसी परिस्थितियां हो सकती हैं। हालांकि, इन विशेष ट्रेनों की देरी का सटीक कारण रेलवे की आधिकारिक जानकारी के बिना तय नहीं किया जा सकता। प्रयागराज उत्तर मध्य रेलवे का एक महत्वपूर्ण रेल केंद्र है। यहां से बड़ी संख्या में यात्री देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करते हैं। ऐसे में यात्रियों को समय पर ट्रेन उपलब्ध कराना और देरी की सही जानकारी देना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती है। फिलहाल यात्रियों की मांग है कि रेलवे स्पेशल ट्रेनों का संचालन बेहतर बनाए, समय-सारिणी का पालन सुनिश्चित करे और देरी की स्थिति में स्टेशनों पर नियमित सूचना उपलब्ध कराए, ताकि त्योहार पर घर जाने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े

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