उजाला/आगरा
उत्तर प्रदेश के आगरा-ग्वालियर हाईवे पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 5:55 बजे सिकंदरपुर के पास एक तेज रफ्तार कार का टायर फट गया, जिसके बाद वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी ओर पहुंच गया और सामने से आ रही कार से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और एक कार पलट गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। मृतकों में धौलपुर के सैफऊ निवासी रिंकू शर्मा (33), मध्य प्रदेश के दतिया निवासी विवेक तिवारी (38) और मीना देवी (58) शामिल हैं। रिंकू शर्मा अपनी कार से आसपास के गांवों के छात्रों को आगरा स्थित डॉ. आंबेडकर विश्वविद्यालय के छलेसर कैंपस में बीएससी की परीक्षा दिलाने ले जा रहे थे। वहीं विवेक तिवारी हरिद्वार से अपने परिवार के साथ दतिया लौट रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही विवेक तिवारी की कार का टायर फटा, वह अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर गई और सामने से आ रही रिंकू शर्मा की कार से टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और एक कार पलट गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया। कारों में फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सूचना मिलते ही सैंया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंया और एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में भर्ती कराया गया।
घायलों में कई छात्र शामिल हैं, जो परीक्षा देने जा रहे थे। इनमें मनमोहन, सुमित, साहिल, राहुल, जितेंद्र, अभिषेक और रोहित शर्मा के साथ अन्य लोग भी घायल हुए हैं। वहीं विवेक तिवारी की कार में सवार उर्मिला तिवारी, राखी तिवारी, शिवा, मनी, राघव और सुमित भी घायल हैं। सभी का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी ट्रैफिक सोनम कुमार भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने देर शाम पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया। हादसे के पीछे एक बड़ा कारण हाईवे के डिवाइडर की खराब स्थिति को भी माना जा रहा है। स्थानीय निवासी नागेंद्र ने बताया कि सिकंदरपुर के पास डिवाइडर की ऊंचाई मात्र 6 इंच रह गई है, जो किसी भी तेज रफ्तार वाहन को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है। यदि डिवाइडर सही स्थिति में होता, तो शायद कार दूसरी लेन में नहीं जाती और यह बड़ा हादसा टल सकता था। इस घटना ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही, वाहन चालकों को भी सतर्क रहने और नियमित वाहन जांच कराने की जरूरत को उजागर किया है।
