चित्रकूट मेले में सिपाही और बस चालक की लड़ाई

CHITRAKOOT

चित्रकूट
सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर आयोजित मेले के दौरान जहां एक ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी, वहीं दूसरी ओर यातायात व्यवस्था संभालना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया। इसी बीच शहर के स्टेशन रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास एक ऐसा विवाद सामने आया, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही और बस चालक के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैफिक पुलिस में तैनात कांस्टेबल कैलाश मेले के कारण लगे भारी जाम को नियंत्रित करने में जुटे थे। इसी दौरान उन्होंने एक बस चालक को वाहन आगे बढ़ाने और रास्ता खाली करने के लिए कहा। लेकिन चालक ने आगे जाम होने का हवाला देते हुए असमर्थता जताई। इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।

बताया जा रहा है कि देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि मामला सड़क पर हाथापाई तक पहुंच गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बस चालक सिपाही का कॉलर पकड़ लेता है, जिसके बाद दोनों के बीच धक्का-मुक्की होती है। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के दौरान बस चालक के घायल होने की भी बात सामने आई है। आरोप है कि मारपीट के दौरान चालक की नाक से खून निकलने लगा। इस दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को भी हैरान कर दिया और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। बाद में बस चालक को हिरासत में लेकर कोतवाली कर्वी भेज दिया गया। पुलिस की ओर से दावा किया गया है कि बस चालक नशे की हालत में था और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा था, जिसके कारण विवाद बढ़ा। हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह जरूरी है कि चालक के नशे में होने या न होने की पुष्टि मेडिकल जांच के जरिए की जाए। साथ ही यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा ड्यूटी के दौरान अनुचित बल प्रयोग किया गया है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

यह घटना कई अहम सवाल खड़े करती है। मेले जैसे बड़े आयोजन में जहां हजारों की संख्या में लोग आते हैं, वहां ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में पुलिस और आम जनता के बीच संयम और सहयोग की आवश्यकता होती है। लेकिन इस तरह की घटनाएं न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं, बल्कि कानून व्यवस्था की छवि को भी प्रभावित करती हैं।  फिलहाल यह मामला शहर कोतवाली कर्वी क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की असली वजह क्या थी। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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