उजाला / बिहार
पटना: बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला। बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान खरगे ने केंद्र और विभिन्न राज्यों की सरकारों को ‘वोट चोरी वाली सरकार’ करार दिया। उनके बयान के बाद सभागार में हंगामे जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान जब एक व्यक्ति ने कहा कि मोदी कभी नहीं जाएंगे, तो खरगे ने मंच से जवाब देते हुए कहा, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’ उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।
महंगाई और सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
अपने संबोधन में मल्लिकार्जुन खरगे ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश में महंगाई चरम पर है। उन्होंने प्याज और दाल की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि गरीब आदमी दाल-रोटी खाकर गुजारा करता है। जब दाल नहीं मिलती, तो प्याज-रोटी खाता है, लेकिन अब प्याज भी महंगा हो गया है। खरगे ने आरोप लगाया कि महंगाई से आम जनता परेशान है और सरकार लोगों की समस्याओं को दूर करने में नाकाम रही है। उन्होंने संसद की कार्यवाही को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। खरगे ने आरोप लगाया कि विपक्ष के सवालों से सरकार घबराती है। राहुल गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता लगातार राहुल गांधी का नाम लेते रहते हैं और वह उनके सपनों में भी आते हैं। खरगे ने कहा कि राहुल गांधी के वापस आने पर विपक्ष सरकार को उसके सवालों का जवाब देने के लिए मजबूर करेगा।
श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर किया याद
कार्यक्रम में खरगे ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि श्रीबाबू ने लोकतंत्र को मजबूत करने, कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने और सामाजिक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण काम किए। खरगे ने जमींदारी प्रथा समाप्त करने, भूमि सुधार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह भूमिहार समुदाय से आते थे, जिसके कई लोग उस समय जमींदार थे। इसके बावजूद उन्होंने जमींदारी प्रथा समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए। खरगे ने छुआछूत के खिलाफ उनके संघर्ष और बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में दलितों के प्रवेश का रास्ता खोलने से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया।
बीजेपी-RSS पर छुआछूत और सामाजिक भेदभाव के आरोप
खरगे ने बीजेपी और आरएसएस पर सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण की घटना का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश में छुआछूत जैसी मानसिकता क्यों मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुप्पी साध रखी है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में सामाजिक समानता और शांति स्थापित करने के लिए छुआछूत जैसी कुरीतियों को जड़ से खत्म करना जरूरी है। उन्होंने बिहार के लोगों से भी ऐसी मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
नीतीश कुमार की विचारधारा पर भी साधा निशाना
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि जो लोग कभी समाजवादी विचारधारा की राजनीति करते थे, वे आज बीजेपी और आरएसएस के साथ खड़े हैं। उन्होंने इसे विचारधारा की कमजोरी बताते हुए कांग्रेस के संघर्षों का उल्लेख किया। खरगे ने महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश के लिए बड़ी कुर्बानियां दी हैं।
राम मंदिर, महिला आरक्षण और चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
खरगे ने राम मंदिर से जुड़े चंदे और गहनों की चोरी का आरोप लगाते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी कांग्रेस सरकारों के अच्छे कामों का श्रेय लेती है, जबकि गलतियों के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराती है। महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर भी उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच कथित सांठगांठ का आरोप लगाया तथा मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण देने के लिए कानून लाए जाने का दावा किया। अपने भाषण के अंत में खरगे ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था पर तानाशाही की ओर बढ़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनता को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा।
