तिलक वर्मा ने रचा इतिहास, T20 इंटरनेशनल में एक साल में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले खिलाड़ी बने

TILAK VARMA

उजाला / स्पोर्ट्स

खेल। क्रिकेट में जब भी रिकॉर्ड की बात होती है, तो अक्सर बल्लेबाजों के शतक, चौके-छक्के और गेंदबाजों के विकेट चर्चा में रहते हैं। लेकिन किसी भी टीम की जीत में शानदार फील्डिंग की भूमिका भी बेहद अहम होती है। मैदान पर एक बेहतरीन कैच मैच का रुख बदल सकता है। भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने अपनी शानदार फील्डिंग से ऐसा ही कमाल कर दिखाया है। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान सबसे ज्यादा कैच पकड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, तिलक वर्मा ने साल 2026 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में फील्डर के तौर पर अब तक 26 कैच पकड़े हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इस सूची में पहला स्थान हासिल किया है। तिलक की इस सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि क्रिकेट में केवल रन बनाना और विकेट लेना ही नहीं, बल्कि मैदान पर चुस्ती, सही समय पर प्रतिक्रिया और कैच पकड़ने की क्षमता भी खिलाड़ी को खास बनाती है।

तिलक वर्मा ने डैनिलसन हाओए का रिकॉर्ड तोड़ा

टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने के मामले में तिलक वर्मा ने इंडोनेशिया के खिलाड़ी डैनिलसन हाओए को पीछे छोड़ दिया है। डैनिलसन ने साल 2025 में कुल 25 कैच पकड़े थे और इस उपलब्धि के साथ वह इस सूची में शीर्ष स्थान पर थे। हालांकि, तिलक वर्मा ने 2026 में 26 कैच लेकर उनसे आगे निकलने में कामयाबी हासिल की। इस सूची में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के मुहम्मद वसीम तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने साल 2024 में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 24 कैच पकड़े थे। तिलक वर्मा के 26 कैच के आंकड़े ने उन्हें इन दोनों खिलाड़ियों से आगे पहुंचा दिया है।

शार्विन मुनियांडी और ब्रायन मसाबा भी सूची में शामिल

एक कैलेंडर वर्ष में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले खिलाड़ियों की सूची में मलेशिया के शार्विन मुनियांडी भी शामिल हैं। उन्होंने साल 2025 में कुल 21 कैच पकड़े थे। वहीं, युगांडा के ब्रायन मसाबा ने साल 2023 में 20 कैच अपने नाम किए थे। बांग्लादेश के तंजिद हसन ने भी साल 2025 में 20 कैच पकड़े थे। इस तरह ब्रायन मसाबा और तंजिद हसन इस आंकड़े के साथ संयुक्त रूप से अगले स्थान पर हैं। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन से पता चलता है कि अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में फील्डिंग का स्तर लगातार बेहतर हो रहा है और एसोसिएट देशों के खिलाड़ी भी इस प्रारूप में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

टी20 क्रिकेट में फील्डिंग क्यों है अहम?

टी20 क्रिकेट ऐसा प्रारूप है, जिसमें हर रन और हर विकेट का महत्व होता है। बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं और गेंदबाजों के पास गलती सुधारने के लिए ज्यादा समय नहीं होता। ऐसे में फील्डरों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। एक मुश्किल कैच विपक्षी टीम के सेट बल्लेबाज को पवेलियन भेज सकता है, जबकि शानदार फील्डिंग से अतिरिक्त रन रोककर मैच का दबाव भी बदला जा सकता है। तिलक वर्मा का एक कैलेंडर वर्ष में 26 कैच पकड़ना उनकी फील्डिंग क्षमता और टीम के लिए योगदान को दर्शाता है। इस उपलब्धि से उन्हें टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के बेहतरीन फील्डरों में अपनी पहचान मजबूत करने का मौका मिला है।

हालांकि, साल 2026 अभी जारी है, इसलिए तिलक वर्मा के पास अपने कैचों की संख्या बढ़ाने का अवसर भी है। आने वाले मुकाबलों में उनका प्रदर्शन इस रिकॉर्ड को और आगे ले जा सकता है। भारतीय क्रिकेट के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि यह दिखाती है कि आधुनिक क्रिकेट में टीम की सफलता के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ शानदार फील्डिंग भी उतनी ही जरूरी है।

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