उजाला / उत्तरप्रदेश
वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी में भारतीय वायुसेना के एयर शो ने आसमान में शौर्य, साहस और देशभक्ति का अद्भुत नजारा पेश किया। शनिवार को एयर शो के दूसरे दिन गंगा के ऊपर सारंग हेलिकॉप्टरों ने तिरंगा बनाकर लोगों का दिल जीत लिया। वहीं, राफेल और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों की गर्जना से नमो घाट गूंज उठा। आसमान में विमानों के हैरतअंगेज करतब देखकर घाटों पर मौजूद लोग तालियां बजाते नजर आए। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटक भी इस भव्य आयोजन को देखने पहुंचे।
गंगा के ऊपर सारंग हेलिकॉप्टरों का शानदार प्रदर्शन
एयर शो के दौरान सारंग हेलिकॉप्टरों ने गंगा के ऊपर उड़ान भरते हुए तिरंगे की आकृति बनाई। इसके बाद हेलिकॉप्टरों ने काशी के प्रमुख घाटों के ऊपर से परिक्रमा की। आसमान में तिरंगे की छटा और हेलिकॉप्टरों की सटीक उड़ान ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। नमो घाट पर कमांडो ऑपरेशन का प्रदर्शन भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। कमांडोज हेलिकॉप्टर से रस्सी के सहारे क्रूज पर उतरे। इसके बाद उन्होंने कुछ ही देर में वापस हेलिकॉप्टर पर चढ़कर अपने कौशल और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास ने दर्शकों को वास्तविक सैन्य अभियान जैसी परिस्थितियों की झलक दिखाई।
सुखोई और राफेल की गर्जना से गूंजा नमो घाट
एयर शो में लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। सुखोई और राफेल समेत लड़ाकू विमानों की तेज गर्जना ने नमो घाट के वातावरण को रोमांच से भर दिया। हवा में सुखोई की कलाबाजियां देखकर लोग तालियां बजाते रहे। लड़ाकू विमान कभी अचानक दिशा बदलते दिखाई दिए, तो कभी जमीन की ओर तेजी से आते हुए पलभर में आसमान की ऊंचाई की तरफ मुड़ गए। विमानों ने हवा में गोलाकार करतब और जटिल युद्धाभ्यास का प्रदर्शन किया। उनकी तेज गति, संतुलन और सटीक नियंत्रण ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
100 विमानों ने दिखाया दम, 12 एयरबेस से भरी उड़ान
इस भव्य एयर शो में कुल 100 विमानों ने हिस्सा लिया। इनमें 15 परिवहन विमान, 32 हेलिकॉप्टर और सारनाथ नाम का विंटेज विमान भी शामिल रहा। विमानों ने देशभर के 12 एयरबेस से उड़ान भरकर काशी के आसमान में अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया। आयोजन को देखने के लिए नमो घाट और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग जुटे। विदेशी पर्यटकों ने भी विमानों के प्रदर्शन का आनंद लिया और करतबों को रोमांचक बताया। काशी के आसमान में भारतीय वायुसेना की यह प्रस्तुति लोगों के लिए यादगार अनुभव बन गई।
एयर शो के बाद विमानों की वापसी शुरू
वाराणसी में एयर शो समाप्त होने के बाद लड़ाकू विमान, सूर्य किरण विमान और अन्य विमान वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे। सभी विमानों की वापसी के दौरान एयरपोर्ट और रनवे पर गतिविधियां दिखाई दीं। अधिकारियों के मुताबिक, एयर शो में शामिल कुछ विमानों को बमरौली स्थित प्रयागराज एयरबेस और अंधऊ हवाई पट्टी समेत भारतीय वायुसेना के अन्य एयरबेस पर भेजा गया। सभी विमानों को उनके निर्धारित ठिकानों के लिए रवाना किया गया।
25 अक्टूबर को एयर शो का आखिरी दिन, काशी पहुंचेंगे पीएम मोदी
25 अक्टूबर को एयर शो का तीसरा और अंतिम दिन है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी काशी पहुंचने का कार्यक्रम है। भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित इस एयर शो के जरिए देश की वायु शक्ति, आधुनिक सैन्य क्षमताओं और वायुसेना के जवानों के कौशल को प्रदर्शित किया जा रहा है। काशी में आयोजित इस भव्य एयर शो ने एक बार फिर भारतीय वायुसेना की पेशेवर दक्षता और देश की रक्षा क्षमता की झलक पेश की। गंगा के ऊपर तिरंगे की आकृति से लेकर लड़ाकू विमानों के रोमांचक करतबों तक, दूसरे दिन का प्रदर्शन दर्शकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बना रहा। अब सभी की निगाहें 25 अक्टूबर को होने वाले अंतिम दिन के कार्यक्रम पर टिकी हैं।
