उजाला / उत्तरप्रदेश
लखनऊ, 05 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं विभाग की ओर से पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPR&D), गृह मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के प्रायोजन में ‘Best Practices in Prison Administration’ विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को कारागार मुख्यालय, लखनऊ में हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य कारागार प्रशासन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सुधार, पुनर्वास और बेहतर प्रबंधन की आधुनिक कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश पी.सी. मीना रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभारी अपर महानिरीक्षक कारागार (प्रशिक्षण) डॉ. रामधनी द्वारा महानिदेशक कारागार को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुई। इसके बाद मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया।
कारागार प्रशासन की बेहतर कार्यप्रणालियों पर होगा मंथन
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कारागार प्रशासन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों द्वारा व्याख्यान दिए जाएंगे। कार्यक्रम में कारागार प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, सुधारात्मक गतिविधियों, पुनर्वास, नवाचार और बेहतर प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रभारी अपर महानिरीक्षक कारागार (प्रशि./वि.) ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिनों के दौरान विभिन्न राज्यों में कारागार प्रशासन के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों और सफल प्रयोगों को साझा किया जाएगा। इसके जरिए अधिकारियों को अलग-अलग राज्यों की कार्यप्रणाली को समझने और उनसे सीख लेने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विषय विशेषज्ञों और विभागीय प्रवक्ताओं द्वारा कारागार प्रशासन की मौजूदा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने से संबंधित जानकारी दी जाएगी। साथ ही ऐसे प्रयोगों पर भी चर्चा होगी, जिन्हें स्थानीय आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप लागू किया जा सकता है।

कई राज्यों के कारागार अधिकारी ले रहे हिस्सा
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश और हरियाणा के कारागार अधिकारी भी प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान तेलंगाना, पंजाब, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कारागार प्रशासन के क्षेत्र में अपनाई जा रही बेहतर कार्यप्रणालियों और नवाचारों के बारे में भी जानकारी साझा की जाएगी। इस तरह प्रशिक्षण कार्यक्रम को केवल विभागीय प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए विभिन्न राज्यों के अनुभवों के आदान-प्रदान का मंच बनाया गया है। अधिकारियों को अलग-अलग राज्यों में लागू सफल व्यवस्थाओं, सुधारात्मक कार्यक्रमों और प्रशासनिक नवाचारों की जानकारी दी जाएगी।
सुरक्षा के साथ सुधार और पुनर्वास पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं पी.सी. मीना ने कहा कि कारागार प्रशासन में सुरक्षा व्यवस्था महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ ही बंदियों के सुधार और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कारागार व्यवस्था का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि बंदियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए आवश्यक वातावरण तैयार करना भी है। महानिदेशक ने विभिन्न राज्यों में किए जा रहे अच्छे कार्यों और सफल प्रयोगों से सीखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में लागू सफल व्यवस्था को ज्यों का त्यों अपनाने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुसार उसमें आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को अपने अनुभव साझा करने और दूसरे राज्यों में किए जा रहे कार्यों को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इससे कारागार प्रशासन में नए विचारों और बेहतर व्यवस्थाओं को लागू करने की दिशा में काम किया जा सकता है।
अनुभवों के आदान-प्रदान से मिलेगी नई दिशा
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान, अनुभवों का आदान-प्रदान और कारागार प्रशासन में बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने से संबंधित चर्चा होगी। कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय और सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करना भी है। कारागार प्रशासन में बदलती चुनौतियों को देखते हुए आधुनिक तकनीक, प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था, सुधारात्मक गतिविधियों और पुनर्वास के नए तरीकों की जानकारी अधिकारियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है। विभिन्न राज्यों के सफल मॉडलों पर चर्चा के माध्यम से उत्तर प्रदेश में भी आवश्यकतानुसार नई व्यवस्थाओं को लागू करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।कार्यक्रम में अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन धर्मेन्द्र सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक कारागार प्रदीप गुप्ता, सुभाष चन्द्र शाक्य, उप महानिरीक्षक कारागार पी.एन. पाण्डेय सहित कारागार विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। तीन दिनों तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से कारागार प्रशासन में सुरक्षा, सुधार और पुनर्वास के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने के साथ-साथ आधुनिक और प्रभावी कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने की दिशा में मंथन किया जाएगा।
