उजाला / देश
मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। राजस्थान की कोटा पुलिस ने मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर ट्रेन में सर्च ऑपरेशन चलाकर तीन संदिग्धों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी वारदात के बाद मुंबई से फरार होकर दिल्ली के रास्ते नेपाल पहुंचने की योजना बना रहे थे। हालांकि, कोटा जंक्शन पर पुलिस की मुस्तैदी ने उनकी कथित फरार होने की योजना पर पानी फेर दिया।
कोटा जंक्शन पर कैसे पकड़े गए तीनों संदिग्ध?
यह घटना रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। फायरिंग की सूचना मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने जांच तेज की और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान राजस्थान पुलिस को भी संदिग्धों के ट्रेन से सफर करने की जानकारी दी गई। कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई की। संदिग्ध ट्रेन में यात्रा कर रहे थे। पुलिस ने करीब 15 मिनट के भीतर सर्च ऑपरेशन पूरा करते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के समन्वय से की गई।
जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने का प्लान
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आरोपी फायरिंग के बाद मुंबई से निकल गए थे और ट्रेन के जरिए राजस्थान पहुंचे। उनकी कथित योजना जयपुर पहुंचने के बाद दिल्ली जाना और फिर नेपाल की सीमा पार कर देश से फरार होना थी। हालांकि, कोटा में हुई कार्रवाई के चलते वे आगे नहीं बढ़ सके। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की योजना किसने बनाई, आरोपियों को किसने निर्देश दिए और उन्हें घटना को अंजाम देने के लिए किस तरह की मदद मिली। उनके संपर्कों, यात्रा के रास्ते और संभावित सहयोगियों की भी जांच की जा रही है।
जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर कैसे हुई फायरिंग?
पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार शाम जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां चलाईं। घटना के समय अभिनेता सुरक्षित रहे, लेकिन उनके ड्राइवर और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति को गोली लगने की खबर सामने आई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। हमलावरों के भागने के रास्ते, इस्तेमाल किए गए वाहन और संभावित संपर्कों की जांच की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की जांच
इस फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कथित संबंधों को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। हालांकि, किसी गैंग की जिम्मेदारी या आरोपियों के साथ उसके संबंधों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और पुलिस के आधिकारिक साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकती है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि फायरिंग के पीछे धमकी, दबाव बनाने या किसी अन्य मकसद की भूमिका थी या नहीं। आरोपियों से पूछताछ के जरिए कथित साजिश, हथियारों की व्यवस्था और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है।
मुंबई पुलिस को सौंपे जाएंगे संदिग्ध
कोटा पुलिस के मुताबिक, आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद संदिग्धों को आगे की जांच और पूछताछ के लिए मुंबई पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है। अब मुंबई पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि फायरिंग की साजिश कैसे रची गई और इस मामले में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही। फिलहाल, इस मामले में जांच जारी है। पुलिस की आगे की कार्रवाई, पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर ही घटना के पीछे की पूरी कहानी सामने आ सकेगी।
