उजाला / देश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों और जनगणना-2027 के कार्यों में लगाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए दो महत्वपूर्ण फैसले सामने आए हैं। पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और कर्मचारी संगठन के बीच सहमति के बाद अब फिटनेस की शर्त पूरी करने वाले आउटसोर्स बिजलीकर्मी 60 वर्ष की उम्र तक सेवाएं दे सकेंगे। वहीं, पहले हटाए गए कर्मचारियों को भी उनके सेवा रिकॉर्ड की जांच के बाद दोबारा काम पर रखने पर विचार किया जाएगा। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने जनगणना-2027 के दूसरे चरण में तीन महीने के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को ड्यूटी से छूट देने के निर्देश जारी किए हैं। इन फैसलों से हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
60 साल तक नौकरी कर सकेंगे आउटसोर्स बिजलीकर्मी
उत्तर प्रदेश के विभिन्न ऊर्जा निगमों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष और प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद की अध्यक्षता में कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में तय किया गया कि शारीरिक रूप से फिट कर्मचारी 60 वर्ष की आयु तक काम कर सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत 55 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले कर्मचारियों को पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर से स्वास्थ्य और फिटनेस प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। यह प्रमाणपत्र संबंधित आउटसोर्स एजेंसी को देना होगा। इसके साथ कर्मचारियों को लिखित रूप में यह भी घोषित करना होगा कि वे काम करने में सक्षम हैं और आगे सेवा जारी रखने के इच्छुक हैं। पात्र कर्मचारियों की जानकारी मिलने के बाद उन्हें काम पर बनाए रखने में प्राथमिकता दी जाएगी। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के साथ होने वाले अनुबंधों में जरूरी बदलाव भी किए जाने की बात कही गई है।
हटाए गए कर्मचारियों की होगी वापसी, लेकिन रखी गई शर्त
पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने पहले सेवा से हटाए गए कर्मचारियों की दोबारा तैनाती पर भी सहमति जताई है। हालांकि, सभी कर्मचारियों को स्वतः बहाली का लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए उनके पिछले कार्यकाल के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। जिन कर्मचारियों के खिलाफ कर्तव्य पालन में लापरवाही, उपभोक्ताओं से गलत व्यवहार, अनुशासनहीनता, बिजली चोरी में संलिप्तता, धन उगाही या अन्य अनुचित आचरण से जुड़ी शिकायतें नहीं होंगी, उन्हीं को दोबारा काम पर रखने पर विचार किया जाएगा। संबंधित डिस्कॉम उनके पुराने सेवा अभिलेखों का सत्यापन करेंगे रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में 20 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को काम से हटाए जाने का मुद्दा भी इस बातचीत में महत्वपूर्ण रहा। ऐसे में पात्र कर्मचारियों की वापसी से बिजली आपूर्ति व्यवस्था में मानव संसाधन की कमी दूर करने में मदद मिल सकती है।
कर्मचारी संगठन ने खत्म किया प्रस्तावित धरना
बैठक के बाद कर्मचारी संगठन ने प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन समाप्त करने और ऊर्जा निगमों के कामकाज में सहयोग देने का आश्वासन दिया। संगठन ने अगले छह महीने में एटीएंडसी (AT&C) हानियों में 10 प्रतिशत की कमी लाने, लाइन लॉस घटाने, राजस्व लक्ष्यों को पूरा करने और थ्रू-रेट बढ़ाने में सहयोग करने की बात कही। कर्मचारी संगठन की ओर से प्रदेश अध्यक्ष मो. खालिद, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्र पांडेय और प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे। प्रबंधन को उम्मीद है कि कर्मचारियों के सहयोग से बिजली वितरण व्यवस्था और राजस्व वसूली में सुधार होगा।
जनगणना-2027: तीन महीने में रिटायर होने वालों को ड्यूटी से छूट
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश सरकार ने जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग के संयुक्त सचिव कृपा शंकर यादव की ओर से सभी विभागों को भेजे गए निर्देशों के मुताबिक, अगले तीन महीने के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को जनगणना के दूसरे चरण के कार्यों से मुक्त रखा जाएगा। निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनगणना का काम अप्रशिक्षित कर्मचारियों से नहीं कराया जाएगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सामान्य परिस्थितियों में किसी कर्मचारी को ड्यूटी से छूट नहीं दी जाएगी। विशेष परिस्थितियों में ही छूट पर विचार किया जा सकेगा। छावनी परिषद के अतिरिक्त किसी अन्य इकाई को विशेष श्रेणी में नहीं माना जाएगा।
दूसरे चरण में जनसंख्या गणना और नागरिक पंजीकरण से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर कर्मचारियों की सूची तैयार की जाएगी और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। बड़े गणना ब्लॉकों को छोटे हिस्सों में बांटने की भी योजना है, ताकि काम व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।
कर्मचारियों और प्रशासन के लिए क्या है अहम?
एक तरफ ऊर्जा निगमों में आउटसोर्स कर्मचारियों को फिटनेस और सेवा रिकॉर्ड की शर्तों के साथ अधिक उम्र तक काम करने का अवसर मिलेगा, तो दूसरी तरफ जनगणना की जिम्मेदारी सौंपते समय कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति अवधि और प्रशिक्षण को ध्यान में रखा जाएगा। दोनों फैसलों का उद्देश्य संबंधित व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से चलाना है। अब इन निर्णयों को लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
