असम के सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में होगा बदलाव,गठित किया 8वां वेतन

FINANCE

उजाला / देश

गुवाहाटी: 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। असम सरकार ने अपने राज्य कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और भत्तों की समीक्षा के लिए 8वें असम वेतन आयोग का गठन किया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 11 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान बताया कि आयोग ने अपना काम शुरू कर दिया है। आयोग की सिफारिशें मिलने के बाद राज्य सरकार कर्मचारियों के वेतन में संशोधन पर फैसला लेगी। असम ऐसा करने वाला पहला राज्य बना है, जिसने केंद्र के 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने से पहले अपना राज्य वेतन आयोग गठित किया है।

असम के 8वें वेतन आयोग में किसे मिली जिम्मेदारी?

असम सरकार ने फरवरी 2026 में 8वें असम वेतन आयोग, 2026 का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और राज्य के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष चंद्र दास को सौंपी गई है। आयोग में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। आयोग का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी कर्मचारियों की मौजूदा वेतन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करना और उसमें बदलाव के लिए सिफारिशें तैयार करना है। इसके तहत वेतनमान, भत्तों, पेंशन और सेवा से जुड़ी शर्तों पर विचार किया जाएगा।

18 महीने में देनी होगी रिपोर्ट

असम के 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग अपनी रिपोर्ट में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन करेगा। इसके बाद राज्य सरकार आयोग की सिफारिशों और राज्य की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए आगे का फैसला करेगी। हालांकि, अभी तक यह घोषणा नहीं हुई है कि कर्मचारियों की सैलरी कितने प्रतिशत बढ़ेगी या नया वेतनमान किस तारीख से लागू किया जाएगा। इसलिए कर्मचारियों को फिलहाल किसी निश्चित वेतन वृद्धि की राशि या तारीख को अंतिम नहीं मानना चाहिए। वास्तविक बदलाव सरकार के आधिकारिक फैसले के बाद ही स्पष्ट होंगे।

सैलरी के साथ पेंशन और भत्तों की भी होगी समीक्षा

8वें असम वेतन आयोग का काम सिर्फ मूल वेतन की समीक्षा तक सीमित नहीं है। आयोग सरकारी कर्मचारियों के भत्तों, सेवा शर्तों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था पर भी विचार करेगा। इसके अलावा, पारिवारिक पेंशन और महंगाई के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए पेंशन तथा महंगाई राहत में संशोधन से संबंधित सुझाव भी तैयार किए जाएंगे। आयोग को वेतन संशोधन के साथ वित्तीय स्थिरता और प्रशासनिक दक्षता जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना है।

केंद्र के 8वें वेतन आयोग से कैसे अलग है असम का फैसला?

केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के संदर्भ की शर्तों को मंजूरी दी थी। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को आयोग का औपचारिक गठन किया गया। केंद्रीय आयोग को भी अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।  हालांकि, केंद्रीय और राज्य वेतन आयोग अलग-अलग हैं। केंद्रीय आयोग की सिफारिशें अपने आप असम के कर्मचारियों पर लागू नहीं होंगी। असम सरकार अपने आयोग की रिपोर्ट और राज्य की वित्तीय परिस्थितियों के आधार पर वेतन संशोधन का फैसला करेगी।

कर्मचारियों को अब किस बात का इंतजार?

असम के सरकारी कर्मचारियों की नजर अब आयोग की सिफारिशों और राज्य सरकार के अगले फैसले पर है। वेतन, भत्तों और पेंशन में संभावित बदलाव से जुड़ी तस्वीर रिपोर्ट आने के बाद अधिक स्पष्ट होगी। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि असम में 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और उसने काम शुरू कर दिया है, लेकिन बढ़ी हुई सैलरी की अंतिम घोषणा अभी नहीं हुई है। कर्मचारियों को वेतन वृद्धि की राशि, लागू होने की तारीख और अन्य लाभों की जानकारी के लिए राज्य सरकार की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *