उजाला / देश
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की है। योजना एवं विकास विभाग में कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास से जुड़े चार जिलों के पांच ठिकानों पर गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को एक साथ छापेमारी की गई। EOU की इस कार्रवाई का आधार आय से अधिक संपत्ति का मामला है। प्रारंभिक जांच में नारद कुमार दास के पास उनकी ज्ञात वैध आय से करीब 83 लाख 53 हजार 200 रुपये अधिक संपत्ति होने के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 64.93 प्रतिशत अधिक बताई गई है।
7 अक्टूबर को दर्ज हुआ केस
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार नारद कुमार दास के खिलाफ EOU थाना कांड संख्या 28/26 के तहत 7 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया गया। केस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है। इसके बाद विशेष निगरानी न्यायालय, पटना से तलाशी वारंट हासिल किया गया और अगले दिन सुबह EOU की अलग-अलग टीमें कार्रवाई के लिए रवाना हुईं।

चार जिलों में पांच ठिकानों पर छापेमारी
EOU की कार्रवाई का दायरा काफी बड़ा रहा। जांच टीमों ने भागलपुर, मुंगेर, मुजफ्फरपुर और पटना में कुल पांच ठिकानों को खंगाला।भागलपुर में तिलकामांझी के हनुमान पथ स्थित आवास पर तलाशी ली गई। मुंगेर में बेलन बाजार बंगाली टोला स्थित आवास के साथ-साथ स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (LAEO) के सरकारी कार्यालय में भी जांच की गई। मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र स्थित राधिका अपार्टमेंट के फ्लैट को भी जांच के दायरे में लिया गया। वहीं पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के कुसुमपुरम स्थित आवास पर भी EOU की टीम पहुंची।
मुजफ्फरपुर से करीब 50 लाख रुपये कैश मिलने की सूचना
पूरी कार्रवाई में सबसे ज्यादा चर्चा मुजफ्फरपुर स्थित ठिकाने से करीब 50 लाख रुपये नकद मिलने की है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तलाशी के दौरान नकदी के अलावा बैंक खातों, जेवरात और दूसरे दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। नकदी की मात्रा अधिक होने के कारण नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगाए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, EOU की ओर से तलाशी पूरी होने के बाद ही विस्तृत बरामदगी सूची सामने आने की उम्मीद है। इसलिए फिलहाल 50 लाख रुपये की नकदी को लेकर सामने आई जानकारी को रिपोर्टों के आधार पर देखा जा रहा है।

संपत्ति और बैंक रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में
EOU की जांच सिर्फ नकदी तक सीमित नहीं है। टीमों की ओर से संपत्ति के कागजात, बैंक खातों, निवेश, जेवरात और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नारद कुमार दास के नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियों का वास्तविक स्रोत क्या है और क्या इनका संबंध कथित आय से अधिक संपत्ति से है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि तलाशी पूरी होने के बाद EOU के हाथ कुल कितनी नकदी, जेवरात, संपत्ति के दस्तावेज और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड लगते हैं। फिलहाल 83.53 लाख रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति और मुजफ्फरपुर से करीब 50 लाख रुपये कैश मिलने की सूचना ने बिहार में इस कार्रवाई को चर्चा में ला दिया है।
