उजाला / उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से जारी मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कानपुर, बुंदेलखंड, अवध, ब्रज और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव, मकान और दीवार गिरने, सड़क हादसों तथा अन्य वर्षा जनित घटनाओं में लोगों की जान गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में 13 और पूरे प्रदेश में कुल 58 लोगों की मौत हुई है।
लगातार बारिश से कई इलाकों में सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। कहीं पुल पानी के तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हुए तो कहीं हाईवे और ओवरब्रिज पर दरार आने के बाद वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। बिजली आपूर्ति भी कई गांवों में प्रभावित हुई है। वहीं, खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं के कारण तिल, उड़द, मूंग, धान और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है।
48 घंटे से लगातार बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें
कानपुर और बुंदेलखंड मंडल के जिलों में बृहस्पतिवार शाम से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार तक जारी रहा। कई स्थानों पर रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। वर्षा जनित अलग-अलग हादसों में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में 13, अवध क्षेत्र में 26, ब्रज क्षेत्र में तीन, लखीमपुर में छह और गोरखपुर में पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा लखनऊ, संतकबीरनगर, जौनपुर, प्रयागराज और प्रतापगढ़ में भी एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। लगातार बारिश के कारण कई जिलों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे चला गया। इटावा में सितंबर का अब तक का सबसे ठंडा दिन दर्ज किए जाने की जानकारी है।
मकान गिरने और हादसों में गई जान
बारिश के दौरान बांदा में कच्चा मकान गिरने से 70 वर्षीय चुन्नी वर्मा की मलबे में दबकर मौत हो गई। फतेहपुर में छह वर्षीय आनंद की भी मकान गिरने से जान चली गई।
हमीरपुर के सरीला में 65 वर्षीय संध्या सिंह और कुरारा में 65 वर्षीय पंचम उर्फ रामप्रकाश की कच्चा घर गिरने से मौत हुई। हमीरपुर में खेत में डूबी फसल देखकर किसान रामपाल सिंह की तबीयत बिगड़ने और सदमे से मौत होने की जानकारी दी गई है।
महोबा में मकान या दीवार गिरने से जयपाल की मौत हुई। हरदोई में सुंदरलाल और आरती की जान गई, जबकि फर्रुखाबाद में भी मलबे में दबने से एक व्यक्ति की मौत की सूचना है। हरदोई और कानपुर में बारिश के दौरान हुए सड़क हादसों में चार लोगों की मौत बताई गई है।
कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित
भारी बारिश और जलभराव का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। कानपुर देहात में करीब 900 गांव, औरैया में 650, बांदा में 150, उरई में 50 और फतेहपुर में 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के इलाकों में भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
पुल और हाईवे पर भी बारिश का असर
बारिश से कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। हरदोई में सीतापुर रोड पर इटौली पुल की एप्रोच रोड धंसने के बाद एहतियात के तौर पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
फर्रुखाबाद में कानपुर-फर्रुखाबाद रेलमार्ग पर पानी भरने के कारण ट्रेनों को कॉशन देकर गुजारा गया। चित्रकूट में मानिकपुर-इटवा मार्ग पर कारी बराह पुल तेज बहाव में फिर क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे सतना, मध्य प्रदेश का संपर्क प्रभावित हुआ।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में पानी भरने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कानपुर देहात में सिकंदरा के पास कानपुर-इटावा हाईवे के ओवरब्रिज पर करीब 100 मीटर हिस्से में लगभग छह इंच चौड़ी दरार सामने आने के बाद इटावा की ओर जाने वाले वाहनों का आवागमन रोक दिया गया।
कानपुर, कन्नौज और हरदोई में बारिश का रिकॉर्ड
लगातार बारिश के दौरान कई जिलों में पुराने रिकॉर्ड भी टूटे हैं। कानपुर में 26 सितंबर को 24 घंटे में 204 मिमी बारिश दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले 26 सितंबर को सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड 1993 में 62 मिमी था।
कन्नौज में 24 घंटे में करीब 220 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इससे पहले 1950 में 212.3 मिमी बारिश का रिकॉर्ड बताया गया था। हरदोई में भी सितंबर की बारिश ने पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। यहां 24 घंटे में 214.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पिछले 48 घंटे में प्रमुख जिलों में बारिश
- हमीरपुर – 457 मिमी
- कानपुर – 294 मिमी
- हरदोई – 250 मिमी
- बांदा – 228 मिमी
- कन्नौज – 220 मिमी
- फर्रुखाबाद – 196 मिमी
- उन्नाव – 166 मिमी
- चित्रकूट – 160 मिमी
- महोबा – 155 मिमी
- औरैया – 126 मिमी
- जालौन – 110 मिमी
- फतेहपुर – 97 मिमी
- इटावा – 86 मिमी
- कानपुर देहात – 69 मिमी
फसलों को भी भारी नुकसान
बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बांदा और चित्रकूट में खेतों में पानी भरने से तिल और ज्वार की फसल प्रभावित हुई है। हमीरपुर और महोबा में उड़द, मूंग, मूंगफली और तिल को नुकसान की जानकारी है।
जालौन में बाजरा के साथ तिल, उड़द और मूंग की फसल प्रभावित हुई है। फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई और फतेहपुर में लौकी, कद्दू और तोरई जैसी सब्जियों को नुकसान हुआ है। कई इलाकों में तेज हवा के कारण धान की फसल खेतों में गिर गई।
रविवार को भी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, सोमवार से बारिश में कमी आने की संभावना है। ऐसे में प्रभावित जिलों में लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर भवनों से सावधानी बरतने की जरूरत है।
