उजाला / उत्तरप्रदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने के बाद अपनी नई पारी को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। करीब एक महीने पहले 13 साल की प्रशासनिक सेवा को अलविदा कहने वाली दिव्या मित्तल ने अब राजनीति में सक्रिय होने का फैसला किया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि फिलहाल वह किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। उनका कहना है कि वह उत्तर प्रदेश में रहकर जनता के साथ मिलकर आगे की राह तय करेंगी। मंगलवार को एक्स पर जारी अपने वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने अपने राजनीतिक कदम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश उनकी कर्मभूमि है और यहीं से वह अपनी नई यात्रा शुरू करना चाहती हैं। उनके मुताबिक, राजनीति में आने का उद्देश्य केवल किसी व्यक्ति या व्यवस्था को बदलना नहीं, बल्कि काम करने के तरीके में बदलाव लाने की कोशिश करना है। उन्होंने आम लोगों की समस्याओं को सीधे समझने और उनकी आवाज उठाने पर जोर दिया।

वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने ऐसे उदाहरणों का उल्लेख किया, जहां स्वीकृति और संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद स्कूलों का निर्माण नहीं हो सका, जमीन से जुड़े मामलों में लोगों को समाधान नहीं मिला और बुनियादी ढांचे की समस्याएं बनी रहीं। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाओं का भी जिक्र करते हुए कहा कि इनका असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। दिव्या मित्तल का यह ऐलान उनके उस सोशल मीडिया पोस्ट के एक दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने भविष्य को लेकर चार संभावित विकल्पों का संकेत दिया था। उन्होंने बच्चों के छोटे होने के कारण घर को समय देने की बात लिखी थी। इसके साथ ही विदेश में नौकरी, आईएएस के अनुभव पर किताब लिखने और राजनीति में जाने जैसे विकल्पों की ओर भी संकेत किया था। इसके बाद उनके अगले कदम को लेकर लोगों की नजरें उनके ऐलान पर टिकी थीं।
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से स्वैच्छिक इस्तीफे की घोषणा की थी। उस समय वह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और यह 15 सितंबर से प्रभावी हुआ। अपने इस्तीफे के समय साझा किए गए भावुक संदेश में दिव्या मित्तल ने अपनी 13 साल की प्रशासनिक यात्रा को याद किया था। उन्होंने बताया था कि साधारण परिवेश में पली-बढ़ी होने के बावजूद उन्होंने बेहतर जीवन का सपना देखा। उन्होंने आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई की और इसके बाद लंदन में नौकरी की। हालांकि, विदेश में करियर बनाने के बावजूद उन्हें देश से दूर होने का खालीपन महसूस हुआ और वह भारत वापस लौटीं।

भारत लौटने के बाद उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुईं। उत्तर प्रदेश में विभिन्न जिम्मेदारियों के दौरान वह मिर्जापुर, संतकबीरनगर और देवरिया की जिलाधिकारी भी रहीं। मिर्जापुर में दूरदराज के गांव तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की पहल को भी उनके प्रशासनिक कार्यकाल से जोड़ा गया है। अब प्रशासनिक सेवा के बाद दिव्या मित्तल की नई पारी राजनीति के क्षेत्र में होगी। उन्होंने फिलहाल किसी दल से दूरी रखते हुए जनता के साथ मिलकर आगे की दिशा तय करने की बात कही है। ऐसे में उनकी राजनीतिक गतिविधियों और उत्तर प्रदेश में उनके प्रस्तावित जनसंपर्क को लेकर आने वाले दिनों में तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
