उजाला / लखनऊ: अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों और युवाओं के नाम ‘योगी की पाती’ लिखकर उनके जीवन, बलिदान और राष्ट्रनिष्ठा को याद किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं से भगत सिंह के जीवन से साहस और संकल्प की प्रेरणा लेने के साथ-साथ ज्ञान को अपनी ताकत बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को सीखने की ललक बनाए रखते हुए अपने संकल्प को कर्म से जोड़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में भगत सिंह के जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत कम उम्र में मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके अनुसार, भगत सिंह की जयंती राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व और संकल्प को याद करने का अवसर है।
भगत सिंह के साहस और राष्ट्रनिष्ठा से सीखने की अपील
‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने भगत सिंह के साहस और राष्ट्रनिष्ठा का उल्लेख करते हुए युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी सामाजिक बुराइयों से मुक्ति के लिए साहस, जागरूकता और सकारात्मक सोच जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने जाति-पाति, नशे और दूसरी सामाजिक बुराइयों का जिक्र करते हुए युवाओं से इनसे दूर रहने और समाज को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने भगत सिंह के जीवन को युवाओं के लिए अध्ययन, विचार और संकल्प से जोड़कर देखने की बात कही।
अध्ययनशील थे भगत सिंह, कई भाषाओं का था ज्ञान
सीएम योगी ने भगत सिंह के अध्ययनशील व्यक्तित्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भगत सिंह हिंदी, उर्दू, पंजाबी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं के जानकार थे और लगातार अध्ययन करते थे।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि ज्ञान को अपनी ताकत बनाना चाहिए। उनके मुताबिक, लगातार सीखने की आदत व्यक्ति के विचारों को व्यापक बनाती है और उसे अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है। उन्होंने युवाओं से सवाल पूछने, नए विचारों को समझने और अपनी जिज्ञासा को जीवित रखने की अपील की।

युवाओं के लिए सरकारी योजनाओं का जिक्र
अपनी पाती में मुख्यमंत्री ने युवाओं से जुड़े शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, उद्यमिता और नवाचार के अवसरों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान जब कौशल के साथ जुड़ता है तो युवा अपनी प्रतिभा को सामर्थ्य में बदल सकता है।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना का जिक्र करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध सहायता की बात कही। इसके अलावा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से युवाओं को उद्यम स्थापित करने और रोजगार के अवसर तैयार करने से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने स्टार्टअप नीति के जरिए नवाचार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किए जाने की बात भी कही। मुख्यमंत्री का संदेश रहा कि युवा केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि अपनी प्रतिभा और कौशल के जरिए नए अवसर भी पैदा कर सकते हैं।
हर जिले में आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी का जिक्र
‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रदेश में उपलब्ध ज्ञान के संसाधनों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय युवाओं के ज्ञान और अध्ययन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर प्रत्येक जनपद में आधुनिक पुस्तकालय और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित किए जाने का भी उल्लेख किया। इसका उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों के लिए किताबों तथा डिजिटल ज्ञान सामग्री तक पहुंच आसान बनाना बताया गया।
‘किताबों को मित्र बनाएं’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से पुस्तकों को अपना मित्र बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किताबें व्यक्ति को नए विचारों से परिचित कराती हैं और सोचने का नजरिया व्यापक करती हैं।
उन्होंने युवाओं को लगातार पढ़ने, प्रश्न पूछने और नए विचारों को जानने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री के संदेश के मुताबिक, एक पुस्तक किसी युवा के जीवन में नया विचार पैदा कर सकती है और एक नया विचार आगे चलकर समाज को नई दिशा देने में भूमिका निभा सकता है।
भगत सिंह की जयंती पर लिखी गई ‘योगी की पाती’ में मुख्यमंत्री का संदेश मुख्य रूप से युवाओं को अध्ययन, ज्ञान, कौशल, संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने पर केंद्रित रहा।
