उजाला / उत्तरप्रदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से की जा रही टिप्पणियों और विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने सपा नेताओं की बयानबाजी को सनातन और हिंदू विरोधी मानसिकता का प्रदर्शन करार दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को भी निशाने पर लेते हुए उनके व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मीडिया से बातचीत के दौरान गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि जिस तरह समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से बागेश्वर बाबा को निशाना बनाया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के अपराधी प्रवृत्ति के लोगों ने धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक, इस तरह की बयानबाजी से सपा की सनातन विरोधी और हिंदू विरोधी मानसिकता सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध का स्तर लगातार गिरता जा रहा है और किसी धार्मिक व्यक्तित्व को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर क्यों मचा है विवाद?
दरअसल, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित बयानों के बाद विवाद शुरू हुआ। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में 29 अक्टूबर को आयोजित रामकथा के दौरान शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए टिप्पणी की थी। इस बयान के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नाराजगी जताई। अखिलेश यादव ने धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजकों और प्रायोजकों से विवादित बयान देने वाले कथावाचकों से दूरी बनाने की अपील की। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रमों पर रोक लगाने और ब्रज-अवध में उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने जैसी मांग भी उठाई। विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों एक हैं और उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।
राम मंदिर और अयोध्या को लेकर भी सपा पर निशाना
गुरु प्रकाश पासवान ने इस पूरे विवाद को अयोध्या और राम मंदिर की राजनीति से भी जोड़ दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के पुराने राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस पार्टी की सरकार में कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गईं और जिसके नेता अब तक भगवान राम के मंदिर में दर्शन करने नहीं गए, उसे पहले आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या जाकर लौट आने और राम मंदिर से दूरी बनाए रखने जैसे मुद्दों पर समाजवादी पार्टी को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। बीजेपी प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि आखिर सपा सनातन और हिंदू धर्म के विरोध में किस स्तर तक जाएगी। उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले हिंदुत्व और धार्मिक मुद्दों पर बीजेपी की आक्रामक राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। गौरतलब है कि धीरेंद्र शास्त्री के बयान को लेकर विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है। आगरा में उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत भी दर्ज कराई गई है। वहीं मेरठ में सपा नेताओं ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे घटनाक्रम ने बीजेपी और सपा के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है।
राहुल गांधी पर भी गुरु प्रकाश पासवान का तीखा हमला
बीजेपी प्रवक्ता ने अपने बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने राहुल गांधी के व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह एक अबोध बालक की तरह व्यवहार कर रहे हैं। गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि राहुल गांधी को संसद की गरिमा और सदन की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के राजनीतिक अनुभव पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह वर्ष 2004 से संसद में हैं। इतने लंबे संसदीय कार्यकाल के बावजूद उनके किसी ऐसे भाषण या पंक्ति का उदाहरण दिया जाए, जिसे आज भी लोग याद करते हों। बीजेपी प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि इतने वर्षों तक संसद में रहने के बाद भी राहुल गांधी को अपने व्यवहार और अभिव्यक्ति में संसदीय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
2027 चुनाव से पहले तेज होती सियासी बयानबाजी
दरअसल, उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अभी से आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच धार्मिक मुद्दों, सनातन धर्म, अयोध्या और राजनीतिक नेतृत्व को लेकर लगातार बयान सामने आ रहे हैं। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़ा विवाद भी अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। एक तरफ समाजवादी पार्टी धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणियों को लेकर विरोध जता रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी उनके समर्थन में उतरकर सपा की राजनीति पर सवाल उठा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है। अब देखना होगा कि इस राजनीतिक घमासान में समाजवादी पार्टी की ओर से गुरु प्रकाश पासवान के आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।
