उजाला / उत्तरप्रदेश
मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब किसानों को उन्नत बीज, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और सरकारी योजनाओं की जानकारी हासिल करने के लिए बार-बार जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। जिले के घिरोर क्षेत्र के ग्राम गोधना में करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से किसान कल्याण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र का उद्देश्य किसानों को कृषि संबंधी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना और उन्हें आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ना है।
ग्राम गोधना में बनेगा किसान कल्याण केंद्र
किसान कल्याण केंद्र की स्थापना के लिए ग्राम गोधना में जमीन चिह्नित की गई है। यह भूमि करहल-घिरोर रोड पर स्थित है। राजस्व अभिलेखों में जमीन ऊसर के रूप में दर्ज है। संबंधित लेखपाल की आख्या भी शासन को भेजी जा चुकी है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत इस केंद्र का प्रस्ताव 14 अप्रैल 2026 को ग्राम गोधना सचिवालय में रखा गया था। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जहां से इसे मंजूरी मिल गई। अब परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए बजट आवंटन और निर्माण की प्रक्रिया पर नजर है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र का निर्माण बजट मिलने के बाद शुरू कराया जाना है।
किसानों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी सुविधाएं
किसान कल्याण केंद्र बनने के बाद आसपास के गांवों के किसानों को कई तरह की सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। केंद्र में उच्च गुणवत्ता वाले उन्नत बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे किसानों को बेहतर बीजों की जानकारी और उनकी उपलब्धता के लिए स्थानीय स्तर पर सहायता मिल सकेगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए पंजीकरण और सहायता डेस्क की सुविधा भी प्रस्तावित है। किसान योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और आवेदन प्रक्रिया में मदद ले सकेंगे।
कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी यानी अनुदान की जानकारी भी केंद्र के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना है। साथ ही आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे किसानों को नई तकनीकों और मशीनों के उपयोग को समझने में मदद मिल सकेगी।
आधुनिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
आज खेती में लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और समय की बचत करने के लिए आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग महत्वपूर्ण हो गया है। लेकिन कई बार किसानों तक योजनाओं की सही जानकारी नहीं पहुंच पाती। आवेदन प्रक्रिया और कृषि उपकरणों पर मिलने वाले अनुदान की जानकारी के अभाव में भी किसान सुविधाओं का लाभ लेने से पीछे रह जाते हैं। ऐसे में किसान कल्याण केंद्र किसानों और कृषि विभाग के बीच संपर्क को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। स्थानीय स्तर पर जानकारी और सहायता मिलने से किसानों का समय और यात्रा पर होने वाला खर्च बचाने में भी मदद मिल सकती है। जिला कृषि अधिकारी अविशांक सिंह चौहान के मुताबिक, केंद्र की स्थापना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना है।
बजट आवंटन के बाद शुरू होगा निर्माण
किसान कल्याण केंद्र के प्रस्ताव को शासन की मंजूरी मिलने के बाद अब बजट आवंटन महत्वपूर्ण चरण है। निर्माण कार्य शुरू होने और पूरा होने की समयसीमा को लेकर फिलहाल स्पष्ट तारीख सामने नहीं आई है। इसलिए किसानों को केंद्र की सुविधाएं कब से मिलनी शुरू होंगी, यह बजट और निर्माण की प्रगति पर निर्भर करेगा। कुल मिलाकर, मैनपुरी के ग्राम गोधना में प्रस्तावित किसान कल्याण केंद्र क्षेत्र के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। यदि यहां उन्नत बीज, सरकारी योजनाओं की जानकारी, पंजीकरण सहायता और कृषि यंत्रों पर अनुदान से जुड़ी सुविधाएं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाती हैं, तो इससे खेती-किसानी से जुड़े काम आसान हो सकते हैं। अब किसानों की निगाहें बजट आवंटन और निर्माण कार्य शुरू होने पर टिकी हैं।
