उजाला / उत्तरप्रदेश
लखनऊ। नवरात्रि पर्व को देखते हुए विश्व हिन्दू परिषद (VHP) एवं बजरंग दल ने मंदिरों, धार्मिक स्थलों और डांडिया-गरबा कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन का ध्यान महत्वपूर्ण बिंदुओं की ओर आकर्षित कराया है। संगठनों ने पिछले वर्षों के अनुभवों का हवाला देते हुए नवरात्रि के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, अतिक्रमण, दुकानदारों के सत्यापन और महिला सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को प्रभावी बनाने की मांग की है। नवरात्रि के दौरान शहर के विभिन्न मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके साथ ही मंदिरों के आसपास अस्थायी दुकानें, पूजन सामग्री के स्टॉल और अन्य छोटे व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी लगाए जाते हैं। ऐसे में भीड़ बढ़ने के कारण कई स्थानों पर आवागमन प्रभावित होने और अतिक्रमण की स्थिति बनने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए प्रशासन से मंदिर परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में पहले से ही व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की अपील की गई है। संगठनों की ओर से कहा गया है कि मंदिरों के आसपास लगाए जाने वाले अस्थायी स्टॉल और दुकानों के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थान और नियमों का पालन कराया जाए। अनधिकृत दुकानों और अतिक्रमण पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। साथ ही पूजन सामग्री सहित अन्य दुकानें लगाने वाले दुकानदारों का आवश्यक सत्यापन कराया जाए, ताकि धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

डांडिया-गरबा आयोजनों में सुरक्षा प्रोटोकॉल पर जोर
नवरात्रि के दौरान शहर के अलग-अलग हिस्सों में डांडिया और गरबा कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और युवा शामिल होते हैं। ऐसे में आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है। विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल ने मांग की है कि डांडिया-गरबा कार्यक्रम आयोजित करने वाली समितियों को स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के निर्देश दिए जाएं। आयोजक, सह-आयोजक, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों और आयोजन स्थल में प्रवेश करने वाले लोगों की पहचान तथा आवश्यक सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। आयोजन स्थलों पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था, पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाने पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक प्रबंध रखने की मांग की गई है।
महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील
संगठनों ने नवरात्रि के दौरान मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में महिलाओं एवं युवतियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है। उनका कहना है कि भीड़भाड़ वाले धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जानी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति महिलाओं से संदिग्ध तरीके से संपर्क करता है, उनका पीछा करता है, छेड़छाड़ करता है या सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें परेशान करता है, तो ऐसी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए आयोजन स्थलों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती और शिकायत के लिए स्पष्ट व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता बताई गई है।
संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि नवरात्रि शुरू होने से पहले मंदिर समितियों, आयोजन समितियों, स्थानीय प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया जाए। संवेदनशील एवं अधिक भीड़ वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल और निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था, पार्किंग, आपातकालीन सेवाओं और भीड़ नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई है। संगठनों का कहना है कि समय रहते व्यापक सुरक्षा योजना तैयार होने से धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सकेगा।
