उजाला / कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गणेश विसर्जन यात्रा के दौरान कथित बमबाजी और मारपीट का मामला सामने आया है। गुजैनी थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव के पास गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रही यात्रा को कथित तौर पर कुछ लोगों ने रोक लिया। इसके बाद फायरिंग और धमाकों की आवाज से वहां अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि धमाकों के बाद कुछ लोग लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर यात्रा में शामिल लोगों की ओर दौड़े और मारपीट शुरू कर दी।
घटना में एक महिला समेत चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कुछ बाइकों में तोड़फोड़ किए जाने का भी आरोप है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें यात्रा के दौरान धमाकों के बाद धुआं उठता दिखाई दे रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो और घटना से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
ट्रैक्टर रुकते ही शुरू हुआ हंगामा
मिली जानकारी के मुताबिक, हनुमंत विहार की गल्ला मंडी KDA कॉलोनी निवासी अर्पित शुक्ला ने अपने घर में गणेश प्रतिमा स्थापित की थी। 24 सितंबर की शाम करीब 5 बजे अर्पित शुक्ला अपने दोस्त अंश शर्मा उर्फ सुदामा और अन्य लोगों के साथ गणेश प्रतिमा के विसर्जन के लिए निकले थे।
यात्रा में बाइक के साथ डीजे और गाजे-बाजे की व्यवस्था थी। यात्रा जब गुजैनी थाना क्षेत्र के फत्तेपुर गांव के पास पहुंची तो कथित तौर पर तीन लोगों ने प्रतिमा वाले ट्रैक्टर को रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए।
यात्रा में शामिल लोगों का आरोप है कि इसी दौरान दो से तीन राउंड फायरिंग की गई और लगातार धमाके किए गए। अचानक हुए धमाकों से सड़क पर धुआं फैल गया और यात्रा में शामिल लोगों के बीच भगदड़ मच गई।
भगदड़ के बाद लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाकों के बाद कुछ लोग कथित तौर पर लाठी-डंडे और कुल्हाड़ी लेकर यात्रा में शामिल लोगों की तरफ बढ़े। आरोप है कि अंश शर्मा, अर्पित शुक्ला, अविरल दुबे और मयंक उर्फ मोहित को घेरकर उनके साथ मारपीट की गई।
पीड़ित पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि हमलावरों ने लात-घूंसों और लाठी-डंडों से हमला किया। इस दौरान कुछ बाइकों में भी तोड़फोड़ किए जाने और उनकी चाबियां निकाल लिए जाने का आरोप है।
घटना के दौरान महिलाओं और बच्चों में भी अफरा-तफरी मच गई। बताया गया कि कुछ महिलाओं और बच्चों ने खुद को बचाने के लिए खेतों की ओर भागकर शरण ली। भागने के दौरान कुछ बच्चों के पैरों में कांटे चुभने की भी जानकारी सामने आई है।
घटना में बबली नाम की एक महिला समेत चार लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है।
पुराने विवाद से जुड़ा है मामला?
पीड़ित अर्पित शुक्ला ने घटना के पीछे पुरानी रंजिश होने का आरोप लगाया है। अर्पित के मुताबिक, पिछले साल मोहल्ले में रहने वाले शोभित सिंह राणा के साथ उसका विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
अर्पित का दावा है कि मुकदमा वापस लेने के लिए उस पर कथित तौर पर दबाव बनाया गया, लेकिन उसने मुकदमा वापस नहीं लिया। पीड़ित पक्ष को आशंका है कि इसी पुराने विवाद के चलते गणेश विसर्जन यात्रा को निशाना बनाया गया।
हालांकि, यह आरोप फिलहाल पीड़ित पक्ष के बयान पर आधारित हैं। हमले की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसका पता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
धमाकों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के दौरान का बताया जा रहा करीब 46 सेकेंड का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में गणेश विसर्जन यात्रा में शामिल लोग डीजे की धुन पर आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग मोबाइल फोन से यात्रा का वीडियो बना रहे हैं।
वीडियो के अंतिम हिस्से में अचानक धमाके की आवाज सुनाई देती है। इसके बाद कुछ ही सेकेंड के भीतर लगातार धमाकों जैसी आवाजें आती हैं और सड़क पर धुएं का गुबार दिखाई देता है। अचानक हुए घटनाक्रम के बाद वीडियो बना रहा व्यक्ति भी मोबाइल नीचे कर देता है।
पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है, ताकि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और धमाकों के पीछे कौन जिम्मेदार था, इसकी जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी नौबस्ता अभिषेक कुमार राहुल और गुजैनी पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने घायलों से घटना की जानकारी लेने के साथ ही यात्रा में शामिल लोगों से भी पूछताछ की।
पुलिस के सामने अब कई बिंदुओं की जांच है—विसर्जन यात्रा को रोकने की वजह क्या थी, धमाके किसने किए, फायरिंग के आरोपों में कितनी सच्चाई है और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुराने विवाद से जुड़े तथ्यों को जांच में शामिल कर रही है। आरोपों की पुष्टि होने के बाद ही आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
