उजाला / उत्तरप्रदेश
वाराणसी। उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार, 3 नवंबर को वाराणसी पहुंचे। काशी दौरे के दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान PDA की परिभाषा, वाराणसी की यातायात व्यवस्था और मेट्रो परियोजना को लेकर उनका बयान चर्चा का विषय बन गया।
PDA की नई परिभाषा बताकर अखिलेश ने दिया सियासी संदेश
पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब अखिलेश यादव से PDA के फुल फॉर्म को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे पिछड़ा, दलित, शोषित, अल्पसंख्यक और पीड़ित वर्ग से जोड़कर समझाया। उन्होंने अपनी बात में कहा कि जो दुखी और पीड़ित है, PDA उसके साथ खड़ा है। अखिलेश यादव का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले PDA के सामाजिक और राजनीतिक समीकरण को मजबूत करने में जुटी है। पार्टी लगातार पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के साथ-साथ समाज के वंचित और शोषित तबकों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है। PDA के जरिए अखिलेश यादव का प्रयास सामाजिक न्याय और राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे को चुनावी बहस के केंद्र में लाना है।
दस साल पहले मेट्रो की योजना बनाने का दावा
वाराणसी में बढ़ते ट्रैफिक जाम और शहरी सुविधाओं के सवाल पर भी अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने करीब दस साल पहले ही शहर में जाम की समस्या से निपटने और लोगों को बेहतर यातायात सुविधा देने के लिए मेट्रो की योजना बनाई थी। उन्होंने वादा किया कि अगर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो वाराणसी में मेट्रो का निर्माण कराया जाएगा। उनके मुताबिक, मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से शहर के लोगों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। अखिलेश यादव ने मौजूदा सरकार पर काशी के विकास को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के जाने के बाद ही बनारस मुस्कुराएगा। उन्होंने शहर की गंदगी, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को भी उठाया।
MLC चुनाव के नतीजों के बाद पहली बार काशी पहुंचे अखिलेश
अखिलेश यादव का यह वाराणसी दौरा हालिया विधान परिषद चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत के बाद भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। वाराणसी में सपा प्रत्याशियों आशुतोष सिन्हा और लाल बिहारी यादव की जीत का जिक्र करते हुए उन्होंने भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने चुनावी नतीजों को पार्टी के लिए जनता के समर्थन का संकेत बताया और भाजपा के डबल इंजन सरकार के दावों पर सवाल उठाए।
दिवंगत कार्यकर्ता के परिवार से भी मिले
अपने दौरे के दौरान अखिलेश यादव ने पार्टी के दिवंगत पदाधिकारी राजेश यादव ‘नत्थू’ के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इसके अलावा उन्होंने बीमार चल रहे पुराने पार्टी कार्यकर्ता सतीश फौजी का हालचाल जानने का भी कार्यक्रम रखा था। कुल मिलाकर अखिलेश यादव का वाराणसी दौरा केवल कार्यकर्ताओं से मुलाकात तक सीमित नहीं रहा। PDA की नई व्याख्या, मेट्रो का वादा और भाजपा पर तीखे हमलों के जरिए उन्होंने 2027 के चुनाव से पहले काशी से अपना राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि PDA का यह सामाजिक समीकरण और वाराणसी में मेट्रो का वादा आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को कितना राजनीतिक फायदा पहुंचाता है।
