डाक कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी! 60 दिन का बोनस मंजूर

उजाला / देश

केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए डाक विभाग के पात्र कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने की मंजूरी दी है। इस फैसले का लाभ पात्र नियमित डाक कर्मचारियों के साथ ग्रामीण डाक सेवकों (GDS) को भी मिलेगा। बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 रुपये निर्धारित की गई है। इस आधार पर 60 दिनों के बोनस की अधिकतम राशि करीब 13,816 रुपये बनती है। डाक विभाग ने 16 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया है।

किन डाक कर्मचारियों को मिलेगा बोनस?

डाक विभाग के आदेश के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 60 दिनों के वेतन के बराबर बोनस दिया जाएगा। इसमें मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS), ग्रुप C और गैर-राजपत्रित ग्रुप B के पात्र कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा, निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को भी बोनस के रूप में एक्स-ग्रेशिया भुगतान किया जाएगा। इस घोषणा से उन कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, जो पूरे साल डाक सेवाओं से जुड़े रहे हैं। हालांकि, बोनस का लाभ सभी कर्मचारियों को अपने आप नहीं मिलेगा। इसके लिए विभागीय आदेश में तय पात्रता, सेवा अवधि और गणना संबंधी नियमों को पूरा करना जरूरी होगा।

कैसे होगी 13,816 रुपये के बोनस की गणना?

डाक कर्मचारियों के बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन 7,000 रुपये माना गया है। यदि किसी कर्मचारी का वास्तविक वेतन इससे अधिक है, तो भी बोनस की गणना निर्धारित सीमा के आधार पर की जाएगी। गणना में एक महीने की औसत अवधि 30.4 दिन मानी गई है।

बोनस निकालने का फॉर्मूला इस प्रकार है:

बोनस = औसत मासिक वेतन × बोनस के दिन ÷ 30.4

यदि गणना के लिए अधिकतम 7,000 रुपये मासिक वेतन और 60 दिनों की बोनस अवधि ली जाए, तो राशि करीब 13,816 रुपये बैठती है। यह अधिकतम अनुमानित राशि है। किसी कर्मचारी को वास्तव में कितना बोनस मिलेगा, यह उसके पात्र वेतन, सेवा अवधि और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

ग्रामीण डाक सेवकों को भी मिलेगा फायदा

ग्रामीण डाक सेवक यानी GDS भी इस घोषणा के महत्वपूर्ण लाभार्थियों में शामिल हैं। इनके बोनस की गणना टाइम रिलेटेड कंटिन्यूटी अलाउंस (TRCA) और महंगाई भत्ते (DA) के आधार पर संबंधित नियमों के अनुसार की जाएगी। इनके लिए भी अधिकतम मासिक गणना सीमा 7,000 रुपये रखी गई है। निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले और पूरे लेखा वर्ष में सेवा देने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को अधिकतम करीब 13,816 रुपये तक मिल सकते हैं। हालांकि, वास्तविक भुगतान उनकी पात्रता और लागू गणना नियमों के अनुसार तय होगा।

नौकरी छोड़ने या रिटायर होने वालों के लिए क्या नियम हैं?

डाक विभाग के आदेश में उन पात्र कर्मचारियों के लिए भी प्रावधान हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सेवानिवृत्त हुए, नौकरी छोड़ दी या इस्तीफा दे दिया। ऐसे कर्मचारियों को भी लागू नियमों के अनुसार बोनस मिल सकता है।वहीं, जिन कर्मचारियों ने पूरे लेखा वर्ष में काम नहीं किया, उनके बोनस की गणना सेवा में बिताई गई पात्र अवधि के अनुपात में की जा सकती है। इसलिए ऐसे कर्मचारियों को पूरे 60 दिनों के बोनस के बराबर राशि मिलना जरूरी नहीं है। इसके अतिरिक्त, किसी दूसरे कर्मचारी की जगह पार्ट-टाइम आधार पर काम करने वाले व्यक्तियों को इस बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। पात्रता तय करते समय विभागीय आदेश में दी गई शर्तों का पालन किया जाएगा।

कब आएगा बोनस का पैसा?

डाक विभाग ने 16 अक्टूबर 2026 को बोनस से संबंधित आदेश जारी किया है। आदेश में भुगतान की मंजूरी और गणना के नियम बताए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर सभी कर्मचारियों के खातों में पैसा जमा होने की कोई निश्चित तारीख बताना उचित नहीं होगा। कर्मचारियों को भुगतान की तारीख और अपनी पात्र राशि की जानकारी के लिए संबंधित डाक मंडल या विभागीय कार्यालय से संपर्क करना चाहिए। डाक विभाग के पात्र कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों के लिए 60 दिनों के बोनस की घोषणा राहत भरी खबर है। अधिकतम 7,000 रुपये की मासिक गणना सीमा के आधार पर करीब 13,816 रुपये तक बोनस मिल सकता है। हालांकि, अंतिम राशि कर्मचारी की पात्रता, वेतन और सेवा अवधि के अनुसार निर्धारित होगी।

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