उजाला / देश
अयोध्या। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में इस वर्ष दीपोत्सव को पहले से भी ज्यादा भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी है। दीपावली के अवसर पर पूरी रामनगरी को रामायण की थीम पर सजाया जाएगा। 6 से 8 नवंबर तक आयोजित होने वाले दीपोत्सव-2026 का मुख्य आयोजन 7 नवंबर को होगा। इस दौरान अयोध्या के प्रमुख घाटों पर करीब 30 लाख दीये जलाकर रामनगरी को रोशनी से जगमग किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इस बार आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक तकनीक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी विशेष समावेश किया जा रहा है।
56 घाटों पर सजेगा दीपों का संसार
दीपोत्सव के मुख्य आयोजन में राम की पैड़ी, लक्ष्मण किला घाट, चौधरी चरण सिंह घाट और भजन संध्या स्थल समेत अयोध्या के प्रमुख घाटों को दीपों से सजाया जाएगा। पहले तैयारियों के चरण में 56 घाटों पर 26,50,101 दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे बाद की तैयारियों में बढ़ाकर करीब 30 लाख तक किया गया है। हजारों स्वयंसेवक दीपों की सजावट और प्रज्वलन में भाग लेंगे। दीपोत्सव की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2024 में अयोध्या में 25,12,585 दीये जलाए गए थे। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार वर्ष 2017 में शुरू हुआ दीपोत्सव लगातार विस्तार पाता गया है और हर साल दीपों की संख्या में वृद्धि के साथ यह आयोजन देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुका है।

रामायण की थीम में नजर आएगी पूरी रामनगरी
इस बार अयोध्या के प्रमुख मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों को रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित सजावट से सजाने की योजना है। रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट पर विशेष थीम आधारित सजावट की जाएगी। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आयोजन स्थलों तक पहुंचने में आसानी हो, इसके लिए प्रमुख स्थानों पर थीम आधारित वे-फाइंडर और वर्टिकल स्क्रीन लगाए जाएंगे। रामकथा पार्क में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्थायी मंच को भी नए स्वरूप में सजाया जाएगा। मंच पर एलईडी स्क्रीन, बेहतर साउंड सिस्टम और आकर्षक लाइटिंग के साथ रामायण आधारित सजावट होगी। मंच के दोनों ओर सीढ़ियों और रंगोली की व्यवस्था के साथ दर्शकों के बैठने का भी इंतजाम किया जाएगा।
लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली मार्ग पर बनेंगे भव्य द्वार
दीपोत्सव को सिर्फ अयोध्या शहर तक सीमित न रखते हुए अयोध्या आने वाले प्रमुख रास्तों को भी सजाया जाएगा। लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से आने वाले मार्गों पर भव्य सजावटी प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। प्रत्येक द्वार की अलग थीम और पहचान होगी। इन द्वारों पर रोशनी के साथ रामायण के प्रसंगों को दर्शाने वाली सजावट की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इन सजावटों के माध्यम से खासकर बच्चों और नई पीढ़ी को रामायण की कथाओं और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना भी है। अलग-अलग कांड और प्रसंगों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की योजना है।
पुष्पक विमान और ड्रोन शो होंगे खास आकर्षण
दीपोत्सव में भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा को जीवंत रूप देने के लिए पुष्पक विमान और राम रथ जैसे आकर्षण भी शामिल किए जाएंगे। इसके अलावा आधुनिक तकनीक के जरिए रामायण से जुड़े प्रसंगों को प्रदर्शित करने की तैयारी है। पर्यटन विभाग ने 2,100 ड्रोन के शो की भी योजना बनाई है, जिसे दीपोत्सव के साथ-साथ बाद के कार्यक्रम में भी प्रदर्शित करने की तैयारी है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार इस बार दीपोत्सव को ऐसा स्वरूप देने पर जोर है, जिसमें धार्मिक आस्था, संस्कृति, तकनीक और पर्यटन का बेहतर समन्वय दिखाई दे। इस आयोजन से अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को रामनगरी की सांस्कृतिक विरासत का भव्य अनुभव कराने की तैयारी है।
