उजाला / उत्तरप्रदेश
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही के नाम को लेकर बड़ा ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब भदोही जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा। इस घोषणा के साथ जिले की पुरानी पहचान को एक बार फिर बहाल करने की प्रक्रिया की दिशा साफ हो गई है। मुख्यमंत्री ने यह ऐलान भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को भदोही पहुंचे, जहां उन्होंने जिले को 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इन परियोजनाओं में कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास शामिल है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 440.84 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, जबकि 899.27 करोड़ रुपये की 47 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
कई साल बाद फिर बदलेगा भदोही का नाम
भदोही के नाम का इतिहास कई बार बदल चुका है। वर्ष 1997 में जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर किया गया था। इसके बाद 1999 में इसका नाम संत रविदास नगर भदोही किया गया। बाद में वर्ष 2012 के बाद समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में जिले का नाम दोबारा भदोही किया गया और 2014 में यह बदलाव प्रभावी हुआ। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर जिले को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से पहचान देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इससे पहले जुलाई 2026 में भी भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर किए जाने की घोषणा कर चुके थे। रविवार को भदोही में कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस घोषणा को दोहराते हुए जिले की पहचान को संत रविदास के नाम से जोड़ने की बात स्पष्ट की।

50वें इंडिया कारपेट एक्सपो का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने भदोही में आयोजित 50वें इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का भी उद्घाटन किया। चार दिवसीय यह एक्सपो 4 से 7 अक्टूबर 2026 तक कारपेट एक्सपो मार्ट, भदोही में आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (CEPC) की ओर से किया जा रहा है। भदोही को दुनिया की प्रमुख कालीन मंडियों में पहचान दिलाने में यहां के हस्तनिर्मित कालीन उद्योग की अहम भूमिका रही है। एक्सपो के जरिए भारतीय कालीन निर्माताओं और निर्यातकों को विदेशी खरीदारों, आयातकों और कारोबारियों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाओं को भी शामिल किया गया। सरकार की ओर से कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने, स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहन देने तथा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इस तरह भदोही में एक ओर जिले के नाम को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के रूप में फिर से पहचान देने की घोषणा हुई है, वहीं दूसरी ओर 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं और अंतरराष्ट्रीय कारपेट एक्सपो के जरिए जिले के विकास और कालीन उद्योग को नई दिशा देने का प्रयास भी सामने आया है।
