उजाला / नागालैंड: नागालैंड में कथित मिलावटी शराब पीने से 19 लोगों की मौत का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक पिछले दिनों मोकोकचुंग और तुएनसांग जिलों में हुई इन मौतों का संबंध संदिग्ध अवैध या मिलावटी शराब के सेवन से होने की आशंका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है और शराब के स्रोत तथा उसकी सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया है।
दो जिलों में सामने आईं 19 मौतें
जानकारी के मुताबिक मोकोकचुंग जिले में 8 और तुएनसांग जिले में 11 लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। तुएनसांग में इससे पहले सितंबर के मध्य में भी संदिग्ध मिलावटी शराब से जुड़ी मौतों का मामला सामने आया था। पुलिस ने उस समय लोगों को अज्ञात और अनधिकृत स्रोतों से मिलने वाली शराब से दूर रहने की सलाह दी थी।
मोकोकचुंग में मौतों का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जिले के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी शुरू की। पुलिस के मुताबिक संदिग्ध शराब की सप्लाई अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने की आशंका को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
SIT ने शुरू की जांच
मामले की जांच के लिए एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस आई. बुंगलांग चांग की अगुवाई में SIT गठित की गई है। टीम का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि संदिग्ध शराब कहां से आई, इसे किसने तैयार या उपलब्ध कराया और इसकी सप्लाई किन-किन इलाकों तक हुई।
पुलिस अब कथित मिलावटी शराब के निर्माण, परिवहन, वितरण और बिक्री से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
19 लोग गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में शराब जब्त
मोकोकचुंग पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 19 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में शराब और बीयर भी जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक जब्त सामान में हजारों बोतलें और बीयर के कैन शामिल हैं। संदिग्ध शराब के नमूने फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि मौतों के वास्तविक कारण और शराब की गुणवत्ता के बारे में वैज्ञानिक पुष्टि हो सके।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अज्ञात, अनधिकृत या संदिग्ध स्रोतों से मिलने वाली शराब का सेवन न करें। शराब पीने के बाद चक्कर, धुंधला दिखाई देना, तेज सिरदर्द, पेट में दर्द, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।
नागालैंड में 1990 से शराबबंदी
नागालैंड में Nagaland Liquor Total Prohibition Act, 1989 के तहत शराब की बिक्री, सेवन, निर्माण, रखने और उससे जुड़े कई कार्यों पर प्रतिबंध लागू है। यह कानून अप्रैल 1990 से प्रभावी है। इसके बावजूद राज्य में कथित अवैध शराब की उपलब्धता का मामला समय-समय पर सामने आता रहा है।
ऐसे में 19 मौतों का यह मामला शराबबंदी के बावजूद संदिग्ध शराब की सप्लाई और वितरण को लेकर कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, मौतों के सटीक कारण और संदिग्ध शराब की भूमिका की अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक और मेडिकल जांच के बाद ही होगी।
पुलिस की कार्रवाई जारी
फिलहाल पुलिस का फोकस संदिग्ध शराब के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की पहचान पर है। अलग-अलग इलाकों में छापेमारी और पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी इलाके में संदिग्ध शराब की बिक्री या भंडारण की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।
नागालैंड में सामने आया यह मामला फिलहाल जांच के दौर में है। पुलिस और संबंधित विभाग फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा अन्य सबूतों के आधार पर मौतों की वास्तविक वजह निर्धारित करने में जुटे हैं।
