उजाला / आगरा
फिरोजाबाद। नगर निगम सदन की बैठक बुधवार को पालीवाल हॉल में हंगामे और तीखी बहस के बीच शुरू हुई। शहर की सफाई व्यवस्था, जलभराव, पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं को लेकर पार्षदों ने अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी दर्ज कराई। बैठक की शुरुआत से ही सदन में माहौल गरम रहा और पार्षदों ने विभिन्न वार्डों में लंबे समय से बनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। बैठक के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि शहर के कई हिस्सों में सफाई व्यवस्था अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। बारिश के दौरान कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है, जबकि पेयजल से जुड़ी शिकायतें भी लगातार बनी हुई हैं। पार्षदों का कहना था कि स्ट्रीट लाइट की छोटी-छोटी शिकायतों के निस्तारण में भी काफी समय लग जाता है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सदन में मौजूद पुलिसकर्मियों को लेकर भी पार्षदों ने विरोध जताया। पार्षदों की मांग के बाद पुलिसकर्मियों को सदन से बाहर कर दिया गया। इसके बाद बैठक में नगर निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा और तेज हो गई।
एक्सईएन पर एफआईआर का मुद्दा गरमाया
बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा निर्माण विभाग के एक्सईएन विजेंद्र पाल सिंह को लेकर हुई। हाल ही में एक्सईएन की ओर से पार्षद मुनेंद्र यादव, सुभाष यादव और शारिक सलीम के खिलाफ थाना उत्तर में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसी मामले को लेकर पार्षदों ने नाराजगी जताई और एक्सईएन को हटाने की मांग सदन में रखी। मामले को लेकर सदन में अधिकारियों और पार्षदों के बीच तीखी बहस भी हुई। वहीं, एक्सईएन विजेंद्र पाल सिंह ने भी अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट कहा कि यदि कोई दोबारा कार्यालय में घुसकर अभद्रता करता है तो उसके खिलाफ फिर से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस बयान के बाद सदन में माहौल और गरमा गया।
सफाई और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर सवाल
पार्षदों ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई क्षेत्रों में नियमित रूप से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई।
पार्षदों ने कहा कि जब स्थानीय स्तर पर शिकायतों का समय पर समाधान नहीं होता है तो लोगों में नाराजगी बढ़ती है। इसी कारण कई जगहों पर जनता और जनप्रतिनिधियों को धरना-प्रदर्शन जैसे कदम उठाने पड़ते हैं। बैठक में कुछ पार्षदों ने शहर में बढ़ते जनआक्रोश का हवाला देते हुए महापौर के पुतले जलाए जाने की बात भी उठाई और अधिकारियों से जिम्मेदारी तय करने की मांग की। पार्षद कासिम सिद्दीकी ने भी समस्याओं के जल्द समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो वह पार्षदों के साथ धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे।
65 प्रस्तावों पर हुई चर्चा
नगर निगम सदन की बैठक में शहर के अलग-अलग वार्डों से संबंधित विकास कार्यों और जनसमस्याओं को लेकर कुल **65 प्रस्ताव** रखे गए। इन प्रस्तावों पर सदन में विस्तार से चर्चा की गई। पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की समस्याओं को सामने रखते हुए अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से समाधान कराने की मांग की। बैठक में हुए हंगामे के बीच सफाई, जलभराव, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठे। अब देखना होगा कि सदन में उठाई गई मांगों पर नगर निगम प्रशासन की ओर से किस तरह की कार्रवाई की जाती है और शहरवासियों को इन समस्याओं से कितनी राहत मिल पाती है।
