अखिलेश यादव का बड़ा बयान: 2027 हारे तो देश में चुनाव नहीं दिखेंगे

Akhilesh Yadav

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, अखिलेश यादव शुक्रवार को कासगंज पहुंचे जहां उन्होंने उर्मिला गार्डन का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने पूर्व सांसद कुंवर देवेंद्र सिंह यादव की पार्टी में वापसी भी कराई। कार्यक्रम के दौरान आयोजित जनसभा में अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला और कई बड़े राजनीतिक बयान दिए। जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वर्ष 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बेहद अहम होने वाला है। उन्होंने कहा, “अगर 2027 का चुनाव हार गए तो देश में दोबारा चुनाव देखने को नहीं मिलेंगे।” उन्होंने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां जनता के वोटों के साथ खेल हुआ है।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार स्मार्ट सिटी बनाने में असफल रही है, लेकिन स्मार्ट विद्युत मीटर लगाकर जनता को आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है। बीजेपी की नीतियों को लेकर उन्होंने कहा कि आम जनता को राहत देने के बजाय सरकार उन्हें नए-नए तरीकों से बोझ डाल रही है। महंगाई के मुद्दे पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि देश में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये के पार पहुंच चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल की मिलावट की जा रही है, जिससे आम लोगों के वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह मिलावट न की जाए तो पेट्रोल के दाम और भी अधिक हो सकते हैं, जिससे जनता पर और बोझ पड़ेगा।

विदेश नीति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने Donald Trump का नाम लेते हुए कहा कि “अमेरिका के राष्ट्रपति जो कहते हैं, भारत उसे स्वीकार कर लेता है।” उन्होंने आरोप लगाया कि देश की आर्थिक नीतियां भी अमेरिका के हिसाब से बनाई जा रही हैं और इससे भारत का बाजार कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने देश का बाजार “गिरवी” रख दिया है। अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे “मुंह से स्वदेशी और मन से विदेशी” हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों में आत्मनिर्भरता की बात तो होती है, लेकिन व्यवहार में विदेशी प्रभाव साफ दिखाई देता है।

राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने शिक्षा और शराब नीति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकारी प्राथमिक स्कूल बंद किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शराब की दुकानें तेजी से खोली जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “वह कौन से साधु संत हैं जो शराब की दुकानें खुलवा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री को खेल का ज्ञान नहीं है और वह केवल बुलडोजर चलाना जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर का इस्तेमाल भी केवल खास वर्ग (पीडीए) के खिलाफ किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। अखिलेश यादव के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्मी ला दी है और आगामी 2027 चुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है।

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