जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप में पीडब्ल्यूडी विभाग के XEN (Executive Engineer) अधिकारी गौतम मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई गुरुवार को मानसरोवर थाना पुलिस द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी गौतम मीणा को पहले पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद साक्ष्यों और बयानों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब घर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सामने आई, जिसमें आरोपी अपनी पत्नी अनु मीणा के साथ मारपीट करता और उस पर थूकता हुआ दिखाई दे रहा है।
मेंटल और फिजिकल टॉर्चर के गंभीर आरोप
मामले में सामने आया है कि गौतम मीणा पर अपनी पत्नी अनु मीणा को लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप हैं। परिवार और रिश्तेदारों ने भी अपने बयानों में इस बात की पुष्टि की है कि आरोपी आए दिन शराब के नशे में पत्नी के साथ मारपीट करता था। इतना ही नहीं, आरोपी पर घर में काम करने वाली नौकरानी के साथ अवैध संबंध रखने का भी आरोप है। बताया जा रहा है कि जब अनु मीणा ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था, उसके बाद से उस पर अत्याचार और भी बढ़ गया था।
बच्चों के बयान भी बने अहम कड़ी
इस मामले में दंपति के बच्चों ने भी पुलिस के सामने अपने पिता के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। बच्चों के अनुसार, उनके पिता अक्सर मां के साथ मारपीट करते थे और घर का माहौल तनावपूर्ण रहता था। पुलिस ने बच्चों के बयानों को भी केस में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में दर्ज किया है। गौरतलब है कि 36 वर्षीय अनु मीणा ने 17 अप्रैल को आत्महत्या कर ली थी। यह घटना जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र स्थित बालाजी विहार इलाके में हुई थी, जहां यह परिवार रह रहा था। घटना के बाद से ही अनु के मायके पक्ष ने गौतम मीणा पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था और इसी आधार पर मामला दर्ज कराया गया था।
ACP का बयान
मानसरोवर के ACP आदित्य काकड़े ने जानकारी देते हुए बताया कि “अनु मीणा सुसाइड केस में आरोपी पति गौतम मीणा को गुरुवार सुबह राउंडअप किया गया था। मामले से जुड़े सभी परिवारजनों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। CCTV फुटेज और बच्चों के बयान भी आरोपी के खिलाफ अहम साक्ष्य हैं। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।”
आरोपी का पक्ष
वहीं, आरोपी गौतम मीणा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने कभी भी अपनी पत्नी को पैसों के लिए परेशान नहीं किया। उसका दावा है कि उसकी लगभग 70 प्रतिशत संपत्ति पत्नी के नाम थी। साथ ही उसने यह भी आरोप लगाया कि अब बच्चों को उसके खिलाफ भड़काया जा रहा है। गौतम ने यह भी बताया कि घटना वाले दिन उसकी पत्नी से दो बार बातचीत हुई थी और उसे आत्महत्या की कोई आशंका नहीं थी।
जांच जारी, कई पहलुओं पर फोकस
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे के कारणों, घरेलू विवाद, कथित अवैध संबंध और मानसिक उत्पीड़न जैसे सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर किया है, जिस पर समाज और प्रशासन दोनों को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
