उजाला / रुद्रपुर: सितारगंज से 6 जुलाई से लापता 13 वर्षीय नाबालिग बालिका का 70 दिन से अधिक समय बीतने के बाद भी पता नहीं चल सका है। बालिका की बरामदगी नहीं होने पर भाकपा (माले) ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। संगठन के प्रतिनिधिमंडल और बालिका के परिजनों ने बुधवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, ऊधम सिंह नगर को ज्ञापन सौंपकर मामले में उच्च स्तर से निगरानी और बालिका की शीघ्र एवं सुरक्षित बरामदगी की मांग की।
6 जुलाई को रेस्टोरेंट से लापता होने का दावा
ज्ञापन के मुताबिक, 13 वर्षीय बालिका 6 जुलाई को एक रेस्टोरेंट से लापता हुई थी। परिजनों ने सागर नामक व्यक्ति और उसके साथियों पर संदेह जताते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी थी।
भाकपा (माले) का आरोप है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय परिजनों से कंप्यूटर दुकान से शिकायत टाइप कराकर लाने को कहा। संगठन का दावा है कि मामले को गंभीरता से लेने के बजाय इसे गुमशुदगी के तौर पर दर्ज किया गया और कार्रवाई में देरी हुई।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस की कार्रवाई पर संगठन ने उठाए सवाल
भाकपा (माले) के अनुसार, 10 सितंबर को कोतवाली में प्रदर्शन की चेतावनी दिए जाने के बाद पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की कथित लास्ट लोकेशन के आधार पर चंडीगढ़ में टीम भेजने की बात कही थी।
ज्ञापन में 10 सितंबर को हुई बातचीत के दौरान कोतवाली प्रभारी के कथित व्यवहार पर भी आपत्ति जताई गई है। संगठन का आरोप है कि बातचीत के दौरान पीड़ित परिजनों से बच्ची को तलाशने के उनके प्रयासों को लेकर सवाल किए गए। साथ ही आरोपी और सबूत उपलब्ध कराने को लेकर कथित तौर पर बयान दिए गए।
बालिका की सुरक्षित बरामदगी की मांग
ज्ञापन में यह आरोप भी लगाया गया है कि नाबालिग के अपनी सहमति से जाने की बात कही गई और उसकी मां, जो आशा वर्कर हैं, से बच्ची को संभाल नहीं पाने संबंधी टिप्पणी की गई। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मामला नाबालिग बालिका से जुड़ा होने के कारण उसके सुरक्षित मिलने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
SSP से उच्च स्तर पर निगरानी की मांग
भाकपा (माले) के जिला सचिव ललित मटियाली समेत संगठन के प्रतिनिधिमंडल और बालिका के परिजनों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले में उच्च स्तर से निगरानी करने की मांग की। उन्होंने बालिका की शीघ्र और सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित कराने की अपील की।
साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि यदि जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। फिलहाल बालिका की बरामदगी को लेकर परिवार और संगठन की ओर से पुलिस से प्रभावी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
