उत्तरकाशी पुलिस की अनोखी पहल, गोवंशों के गले में पहनाई रेडियम टेप; हादसों से होगा बचाव

जिला संवाददाता – सीपी बहुगुणा

उजाला / उत्तरकाशी: जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के साथ अब उत्तरकाशी पुलिस बेजुबान पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी संवेदनशील पहल कर रही है। पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में पुलिस टीम ने सड़क पर विचरण करने वाले गोवंशों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए उनके गले में रेडियम टेप पहनाई।

पुलिस की इस पहल का उद्देश्य अंधेरे में सड़क पर मौजूद गोवंशों को वाहन चालकों को दूर से ही दिखाई देना है, जिससे अचानक होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिल सके। पुलिस की इस पहल को पशु सुरक्षा के साथ-साथ सड़क सुरक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है।

धरासू पुलिस ने चलाया विशेष अभियान

प्रभारी निरीक्षक धरासू दर्शन प्रसाद काला के नेतृत्व में कोतवाली धरासू पुलिस टीम ने चिन्यालीसौड़, पीपलमण्डी और ऑलवेदर रोड क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया।

इन क्षेत्रों में कई बार गोवंश सड़क पर विचरण करते हुए दिखाई देते हैं। दिन के समय वाहन चालकों को पशु आसानी से दिखाई दे जाते हैं, लेकिन शाम और रात के समय अंधेरे में सड़क पर मौजूद गोवंशों को देख पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

इसी समस्या को देखते हुए पुलिस टीम ने सड़क किनारे और आसपास विचरण करने वाले गोवंशों के गले में रेडियम टेप पहनाई।

रात में दूर से दिखाई देंगे गोवंश

रेडियम टेप की मदद से रात और कम रोशनी की स्थिति में गोवंश वाहन चालकों को दूर से ही दिखाई दे सकेंगे। इससे वाहन चालक समय रहते अपनी गति नियंत्रित कर सकेंगे और सड़क पर मौजूद पशुओं से टक्कर होने की संभावना कम होगी।

पुलिस के अनुसार यह पहल गोवंशों की सुरक्षा के साथ वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है। सड़क पर अचानक पशु आ जाने से कई बार वाहन दुर्घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में रेडियम टेप दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।

पशु स्वामियों को भी किया जागरूक

अभियान के दौरान पुलिस टीम ने गोवंश स्वामियों को भी जागरूक किया। पुलिस ने पशु मालिकों से अपने पशुओं को खुले में न छोड़ने और उनकी उचित देखभाल करने की अपील की।

पुलिस ने कहा कि पशुओं को सड़कों पर खुले में छोड़ने से न केवल उनके जीवन को खतरा रहता है, बल्कि वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है। इसलिए पशु स्वामियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए प्रेरित किया गया।

संवेदनशीलता से बच सकता है अनमोल जीवन

उत्तरकाशी पुलिस की इस पहल के जरिए लोगों को बेजुबान पशुओं के प्रति संवेदनशील होने का संदेश भी दिया गया। पुलिस का कहना है कि बेजुबान पशु अपनी परेशानी व्यक्त नहीं कर सकते, इसलिए उनकी सुरक्षा के प्रति समाज की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

सड़क पर किसी बेजुबान पशु की सुरक्षा के लिए उठाया गया छोटा कदम भी एक अनमोल जीवन बचा सकता है। पुलिस की यह पहल पशु संरक्षण और सड़क सुरक्षा के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण पेश करती है।

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