जिला संवाददाता – सीपी बहुगुणा
उजाला / उत्तरकाशी: अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देशन में संगठन विस्तार अभियान के तहत ब्रह्मखाल में बैठक आयोजित की गई। परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा शताब्दी वर्ष एवं अखंड ज्योति शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस बैठक में महिला मंडल और प्रज्ञा मंडल का गठन किया गया। साथ ही नशामुक्ति, संस्कारवान शिक्षा और युवा जागरण को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
महिला और प्रज्ञा मंडल का गठन
बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ गायत्री परिजन एवं सेवानिवृत्त शिक्षक प्रेमलाल विजलवाण ने की। इस दौरान महिला मंडल की मुख्य संयोजिका के रूप में नीतिका सेमवाल को जिम्मेदारी दी गई। वहीं मीना देवी नेगी, बबीता सेमवाल, पूजा और सरला देवी को भी विभिन्न दायित्व सौंपे गए।
प्रज्ञा मंडल में प्रेमलाल विजलवाण को मुख्य संयोजक बनाया गया। डॉ. मनवीर सिंह भंडारी को सचिव की जिम्मेदारी दी गई, जबकि राजेश, नंदराम और जयेंद्र सिंह भंडारी को भी संगठन में दायित्व प्रदान किए गए।
गांव-गांव तक पहुंचेंगी रचनात्मक गतिविधियां
गायत्री परिवार के जिला ब्लॉक समन्वयक डॉ. मुरली मनोहर भट्ट ने बताया कि जनपद के प्रत्येक ब्लॉक और तहसील स्तर पर गायत्री युवा मंडल, प्रज्ञा मंडल तथा महिला मंडल के गठन को विस्तार दिया जा रहा है। संगठन का उद्देश्य न्याय पंचायत से लेकर गांव स्तर तक गायत्री परिवार की रचनात्मक गतिविधियों को पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक बदलाव के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं को संस्कार और नशामुक्ति से जोड़ने पर जोर
प्रेमलाल विजलवाण ने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर भी युवा मंडलों का गठन किया जाएगा। क्षेत्र को नशामुक्त और ड्रग-फ्री बनाने के लिए जनसहयोग जुटाने पर जोर दिया गया।
बैठक में युवाओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने, संस्कारवान शिक्षा को बढ़ावा देने और सामाजिक चेतना को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
यज्ञ, वृक्षारोपण और नारी जागरण का संकल्प
बैठक के दौरान पंचकुंडीय यज्ञ, वृक्षारोपण, नारी जागरण, स्वच्छता अभियान, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा और संस्कारपरक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज जागरण को गति देने का संकल्प लिया गया।
बैठक में मौजूद गायत्री परिवार के परिजनों ने संगठन के विचारों और रचनात्मक गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया। संगठन विस्तार के साथ क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता, नशामुक्ति और युवा सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में अभियान चलाने पर सहमति बनी।
