उजाला / उत्तरकाशी: हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे आराकोट क्षेत्र में अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज आराकोट के अंतर्गत संचालित सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास में वार्डन की नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर अभिभावकों में नाराजगी है। राजकीय इंटर कॉलेज आराकोट अभिभावक संघ, स्थानीय अभिभावकों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने विभाग से जल्द वार्डन की नियुक्ति करने की मांग की है।
अभिभावकों का कहना है कि वार्डन पद के लिए विज्ञप्ति जारी होने और साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी हुए काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक परिणाम घोषित नहीं किया गया है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष यशपाल रावत ने नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए जल्द परिणाम जारी करने की मांग की।
दुर्गम क्षेत्र में छात्रावास, वार्डन की जरूरत पर जोर
यशपाल रावत ने कहा कि आराकोट क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से दुर्गम है और हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगा हुआ है। ऐसे क्षेत्र में संचालित छात्रावास में नियमित वार्डन की मौजूदगी विद्यार्थियों की सुरक्षा, अनुशासन, पढ़ाई और दैनिक व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
अभिभावकों के मुताबिक, छात्रावास में रहने वाले अधिकांश विद्यार्थी दूरस्थ गांवों से आते हैं। वार्डन के अभाव में छात्रावास की व्यवस्थाओं पर असर पड़ने की बात कही जा रही है। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों की दिनचर्या, पढ़ाई, खेलकूद और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां भी प्रभावित हो सकती हैं।
पारदर्शी तरीके से नियुक्ति पूरी करने की मांग
अभिभावक संघ और स्थानीय लोगों ने विभाग से वार्डन नियुक्ति की प्रक्रिया को जल्द पूरा कर परिणाम घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्थायी वार्डन की नियुक्ति से छात्रावास में अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
अभिभावकों ने नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की भी मांग की है। उनका कहना है कि विज्ञप्ति और साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणाम में देरी को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वार्डन की नियुक्ति नहीं की गई तो शिक्षक-अभिभावक संघ और स्थानीय प्रतिनिधि शासन स्तर तक अपनी मांग पहुंचाएंगे। इसके बाद लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की बात भी कही गई है।
अभिभावकों ने कहा कि छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभाग को जल्द से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
