उजाला/हरदोई: मिशन शक्ति अभियान फेज-5 के द्वितीय चरण के तहत हरदोई जिले के हरपालपुर थाना पुलिस ने जूनियर विद्यालय हरपालपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध और हेल्पलाइन नंबरों के प्रति जागरूक करना रहा। पुलिस टीम ने बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी या असुरक्षित स्थिति में तुरंत सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
महिला और बाल सुरक्षा के हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। बच्चों को बताया गया कि जरूरत पड़ने पर 1090 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन और 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उसे छिपाने के बजाय अपने माता-पिता, अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को तत्काल इसकी जानकारी देनी चाहिए। समय पर सूचना देने से किसी बड़ी घटना को रोका जा सकता है।
गुड टच और बैड टच को लेकर किया जागरूक
कार्यक्रम में बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी विस्तार से समझाया गया। पुलिस टीम ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ ऐसा व्यवहार करता है जिससे वे असहज या असुरक्षित महसूस करते हैं, तो उन्हें डरने या चुप रहने की जरूरत नहीं है।
बच्चों को ऐसी स्थिति में तुरंत किसी भरोसेमंद बड़े व्यक्ति, शिक्षक, अभिभावक या पुलिस को जानकारी देने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने बच्चों से अपनी सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहने की अपील की।
साइबर फ्रॉड से बचाव के बताए तरीके
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने बच्चों को बताया कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
पुलिस ने संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए मैसेज का जवाब देने और लालच देने वाले ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की सलाह दी। बच्चों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो जाता है तो बिना देरी किए 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम
पुलिस टीम ने कहा कि जागरूकता साइबर अपराध, महिला अपराध और बाल अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है। बच्चों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी जिम्मेदार व्यक्ति तक पहुंचानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पुलिस के इस जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने और किसी भी आपात स्थिति में उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग करने की जानकारी दी गई।
